राम रहीम के मेदांता में भर्ती व हनीप्रीत के अटेंडेंट बनने पर विवाद, अंशुल छत्रप‍ति की आपत्ति के बाद जेलमंत्री की सफाई

 


डेरा सच्‍चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम और हनीप्रीत की फाइल फोटो।

रोहतक की सुनारिया जेल में सजा काट रहे गुरमीत राम रहीम को इलाज के लिए गुरुग्राम की मेदांता जेल में भर्ती कराने और हनीप्रीत को अटेंडेंट बनाने पर विवाद छिड़ गया है। इस पर अंशुल छत्रपति ने सवाल उठाया है। अब जेल मंत्री रणजीत सिंह चौटाला ने सफाई दी है।

 चंडीगढ़,रोहतक की सुनारिया जेल में सजा काट रहे डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत सिंह को गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराने पर सियासी पारा गर्मा गया है। मुंह बोली बेटी हनीप्रीत को गुरमीत राम रहीम की अटेडेंट बनाने की अनुमति देने पर भी विवाद हो रहा है। इसको लेकर हरियाणा सरकार पर विपक्ष ने सवाल उठाया है। विवाद बढ़ने पर जेल मंत्री रणजीत सिंह चौटाला ने पूरे मामले में सफाई दी है।

अंशुल छत्रपति ने गुरमीत को वीआइपी ट्रीटमेंट और हनीप्रीत के अटेंडेंट बनने पर उठाए सवाल

दूसरी ओर, पत्रकार रामचंद्र छत्रपति के पुत्र अंशुल छत्रपति ने गुरमीत राम रहीम को गुरमीत राम रहीम को वीआइपी जैसी सुविधा देने का आरोप लगाया है। अंशुल ने कहा है कि गुरमीत राम रहीेम जैसे कैदी को इस तरह मेदांता अस्‍पताल में भर्ती कराना और वीआइपी सुविधाएं देना बड़ा सवाल उठाता है। अंशुल ने अस्‍पताल में हनीप्रीत को गुरमीत राम रहीम का अटेंडेंट बनाने पर भी सवाल उठाया है। उन्‍होंने कहा कि हनीप्रीत पंचकूला हिंसा की मुख्‍य आरोपित है और ऐसे में उसे गुरमीत राम रहीम के करीब इस तरह रहना कोई बड़ी साजिश हो सकती है। बता दें कि पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्‍या में भी गुरमीत राम रहीम को सजा सुनाई गई है।

रणजीत सिंह चौटाला ने स्पष्ट किया कि जेल नियमों के अनुसार ही ऐसा किया गया है। डेरामुखी को साधारण कैदी की तरह ट्रीट किया जा रहा है और कौन मिलेगा या कौन नहीं, यह जेल मैनुअल के अनुसार ही तय होगा। उन्‍होंने कहा कि गुरमीत राम रहीम का मेडिकल टेस्‍ट एम्‍स में संभव नहीं था, इसलिए उसे मेदांता अस्‍पताल में भर्ती कराया गया।

रणजीत सिंह चौटाला ने कहा कि गुरमीत राम रहीम को पहले पेट में दर्द हुआ था। इसके बाद उसे रोहतक मेडिकल कालेज में उपचार के लिए ले जाया गया। वहां सुबह लेकर गए थे और शाम को वापस जेल में ले आए थे। रोहतक पीजीआइ में चिकित्सकों ने दो महत्वपूर्ण टेस्ट लिखे थे जो या तो एम्स में हो सकते हैं या फिर मेदांता में।

हनीप्रीत को अटेंडेंट बनाने पर बोले जेल मंत्री, कैदी से उसके करीबी को मिलने का अधिकार

चौटाला ने कहा कि कोरोना के चलते एम्स में टेस्ट संभव नहीं थे, इसलिए डेरामुखी गुरमीत राम रहीम को गुरुग्राम के मेदांता अस्‍पताल लेकर जाया गया। वहां कोरोना टेस्ट किया तो रिपोर्ट पाजिटिव आई। बाद में उसका कोरोना टेस्‍ट दोबारा कराने पर यह नेगेटिव आया। फिलहाल राम रहीम चिकित्सकों की आब्जर्वेशन में है। यह डाक्टरों और डेरामुखी के स्वास्थ्य पर निर्भर करेगा कि कितने दिन इलाज चलेगा। हमारी जिम्मेदारी उसे जेल कस्टडी में रखने की है।

अस्‍पताल में हनीप्रीत को गुरमीत राम र‍हीम का अटेंडेंट बनने की अनुमति देने के बारे में रणजीत सिंह चौटाला ने कहा कि यह अनुमति नियमों के तहत ही दी गई है। कैदी से मिलने का उसके करीबी को अधिकार है और ऐसा हर कैदी को अधिकार है। इस कारण इस पर विवाद उचित नहीं है।

गंभीर अपराधों में सजा काट रहे कैदी नहीं होंगे रिहा

जेल मंत्री चौटाला ने कहा कि प्रदेश में अच्छे आचरण वाले कैदियों की रिहाई के मामलों को सरकार के पास भेजा जाएगा। इनको समय से पहले छोड़ने पर सरकार अंतिम निर्णय लेगी। इसके साथ ही हत्या और फिरौती वाले केस के मामलों में सजा पूरी कर चुके गंभीर अपराधियों को अभी रिहा नहीं किया जाएगा। राज्य स्तरीय समिति की बैठक में फिलहाल 22 कैदियों को अच्छे आचरण के आधार पर रिहा करने पर विचार कर मामलों को सरकार के पास भेजा गया है।