इकबाल तन्हा, देवांगना कलीता और नताशा को तत्काल रिहा करो, दिल्ली की कोर्ट ने दिया आदेश

 


Delhi Riots 2020: इकबाल तन्हा, देवांगना कलीता और नताशा को तत्काल रिहा करो, दिल्ली की कोर्ट ने दिया आदेश

पूर्वी दिल्ली स्थित कड़कड़डूमा कोर्ट ने दिल्ली हाई कोर्ट से जमानत मिलने के बाद जेएनयू की छात्राओं देवांगना कलिता और नताशा नरवाल के साथ ही जामिया मिल्लिया इस्लामिया के छात्र आसिफ इकबाल तन्हा रिहा करने का आदेश दिया है।

नई दिल्ली । उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगा मामले में जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय की छात्राओं और 'पिंजड़ा तोड़' ग्रुप की कार्यकर्ताओं देवांगना कलिता और नताशा नरवाल के साथ ही जामिया मिल्लिया इस्लामिया के छात्र आसिफ इकबाल तन्हा को कोर्ट ने तत्काल रिहा करने का आदेश दिया है। पूर्वी दिल्ली स्थित कड़कड़डूमा कोर्ट ने दिल्ली हाई कोर्ट से जमानत मिलने के बाद यह आदेश दिया है। 

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश रवींद्र बेदी के कोर्ट ने कहा कि सभी जमानती दिल्ली में रहते हैं। कम से कम उनके पते का सत्यापन निर्धारित समय में हो जाना चाहिए था। जांच अधिकारी द्वारा बताया गया देरी का कारण उचित नहीं है। कोर्ट ने पुलिस को निर्देश दिया कि आरोपितों के स्थायी पतों की सत्यापन रिपोर्ट 23 जून तक और आरोपितों के दिल्ली के पतों की सत्यापन रिपोर्ट गुरुवार शाम पांच बजे तक जमा कराई जाए।

गत वर्ष उत्तर पूर्वी दिल्ली मं दंगे हुए थे। जिसमें आइबी कर्मी अंकित शर्मा, हेड कांस्टेबल रतनलाल समेत 53 लोगों की जान गई थी। 550 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। इसी दंगे की साजिश के मामले में गैर कानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के तहत देवांगना कलीता, नताशा नरवाल और आसिफ इकबाल तिहाड़ जेल में न्यायिक हिरासत में हैं। इन आरोपितों ने जमानत के लिए हाल में हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। उस पर सुनवाई करते हुए मंगलवार को हाईकोर्ट ने तीनों आरोपितों पर यूएपीए लगाने को लेकर तीखी टिप्पणी करते हुए उनको जमानत दे दी थी। वहां से जमानत मिल ही तीनों ने तत्काल रिहाई आदेश के लिए कड़कड़डूमा स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश रवींद्र बेदी की कोर्ट का रुख किया था। इस कोर्ट ने तत्काल रिहाई न देते हुए दिल्ली पुलिस से बुधवार दोपहर एक बजे तक आरोपितों और इनकी जमानत देने वाले जमानतियों की सत्यापन रिपोर्ट मांगी थी।

बुधवार को वर्चुअल सुनवाई के दौरान पुलिस ने कोर्ट को बताया था कि देवांगना असम में डिब्रूगढ़, नताशा हरियाणा में रोहतक और आसिफ इकबाल तन्हा झारखंड के रामगढ़ का रहने वाला है। इसके अलावा छह जमानती हैं। सभी का सत्यापन पूरा करने के लिए वक्त चाहिए। आरोपितों के वकील ने इसका विरोध करते हुए तत्काल रिहाई आदेश जारी करने की मांग की थी। इस पर कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखते हुए गुरुवार को सुनवाई निर्धारित की थी। गुरुवार को करीब 12 बजे अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश रवींद्र बेदी के कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए तीनों आरोपितों को तत्काल जमानत पर छोड़ने का आदेश जारी कर दिया।