टीकाकरण को लेकर झिझक दूर करने की कवायद में जुटा केंद्र, कहा- राज्‍य और केंद्र शासित प्रदेश मिलकर काम करें

 


टीकाकरण को लेकर झिझक दूर करने की कवायद में जुटा केंद्र। फाइल फोटो।

ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत स्वास्थ्यकर्मियों में टीकाकरण को लेकर झिझक संबंधी मीडिया में आई खबरों के बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि वह इस मुद्दे से निपटने के लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ मिलकर काम कर रहा है।

नई दिल्ली, एजेंसी। ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत स्वास्थ्यकर्मियों में टीकाकरण को लेकर झिझक संबंधी मीडिया में आई खबरों के बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि वह इस मुद्दे से निपटने के लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ मिलकर काम कर रहा है। मंत्रालय ने कहा कि भारत सरकार 16 जनवरी से ही टीकाकरण के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रयास का समर्थन 'संपूर्ण सरकार' की पहल के तहत कर रही है।

स्वास्थ्यकर्मियों में टीकाकरण को लेकर कथित झिझक

मंत्रालय ने कहा कि मीडिया में खबरें हैं कि ग्रामीण इलाकों के स्वास्थ्यकर्मियों में टीकाकरण को लेकर कथित झिझक है। बयान के मुताबिक, 'टीकाकरण को लेकर झिझक वैश्विक स्तर पर व्याप्त परिपाटी है और इसका निदान वैज्ञानिक अध्ययनों और सामुदायिक स्तर पर होना चाहिए।' इसे ध्यान में रखते हुए 'कोविड-19 टीकाकरण संवाद रणनीति' में टीका लगवाने को लेकर झिझक के पक्ष को भी कोविड-19 टीकाकरण अभियान की शुरुआत में ही सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से साझा किया गया। मंत्रालय के मुताबिक यह रणनीति सभी राज्यों के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन निदेशकों के साथ 25 जनवरी को साझा किया गया। इस संबंध में केंद्रीय जनजातीय मामलों के मंत्रालय के साथ भी मिलकर काम किया जा रहा है।

वैक्‍सीन को लेकर एक अन्‍य बहस भी जारी

इस बीच कोरोना वायरस के खिलाफ भारत में दी जा रही वैक्सीन कोविशील्ड की दो डोज के बीच अंतर को देश में इनदिनों बहस छिड़ी हुई है। हर तरफ इसको लेकर लोग चर्चा कर रहे हैं। देश के लोगों में चार से छह हफ्ते, छह से आठ हफ्ते या आठ से 12 हफ्ते के अंतराल को लेकर भ्रम बना हुआ है। भारत ने इस अंतराल को जहां और बढ़ा दिया है, वहीं ब्रिटेन ने इसे घटा दिया है। इस बीच, विशेषज्ञों ने कहा है कि आप छह महीने के भीतर कभी भी कोविशील्ड की दूसरी डोज ले सकते हैं और यह बूस्टर डोज की तरह काम करेगी यानी प्रभावी तरीके से। जाने-माने प्रतिरक्षा विज्ञानी सत्यजीत रथ ने कहा है कि वैक्सीन की पहली डोज लेने के चार हफ्ते के बाद से लेकर छह महीने के अंदर कभी भी दूसरी डोज ली जा सकती है।