वाराणसी और मऊ में निर्विरोध बने भाजपा के जिला पंचायत अध्‍यक्ष, जानिए पूरी सियासी रणनीति

 


भाजपा की ओर से वाराणसी से पूनम मौर्या और मऊ से मनोज राय निर्विरोध जिला पंचायत अध्‍यक्ष चुन लिए गए।

भाजपा की ओर से वाराणसी से पूनम मौर्या और मऊ से मनोज राय निर्विरोध जिला पंचायत अध्‍यक्ष चुन लिए गए। दोनों जिलों में भाजपा की सफलता के बाद कार्यकर्ताओं का उत्‍साह चरम पर रहा और जीत हासिल करने के बाद कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने एक दूसरे का मुंह मीठा कराया।

वाराणसी। जिला पंचायत अध्‍यक्ष पद के लिए सियासी गुणा गणित में सत्‍ता पक्ष पूरी तरह से पूर्वांचल में हावी रहा। शनिवार को दिन में भदोही और मऊ जिले में सपा का उम्‍मीदवार अपना नामांकन ही कराने नहीं पहुंचे। ऐसे में तय समय दोपहर तीन बजे तक किसी अन्‍य के द्वारा नामांकन न दाखिल करने पर मऊ में भाजपा ने निर्विरोध जीत हासिल कर ली। वहीं आधी रात तक चले सियासी उठापठक और प्रशासनिक जिच के बीच वाराणसी में जिला पंचायत की सीट भी सपा के हाथ से खिसक कर स्‍क्रूटनी के बाद भाजपा के पास चली गई। इस प्रकार पूर्वांचल के दो महत्‍ववूर्ण जिलों वाराणसी और मऊ में भाजपा के जिला पंचायत अध्‍यक्ष निर्विरोध चुन लिए गए। 

भाजपा की ओर से वाराणसी से पूनम मौर्या और मऊ से मनोज राय निर्विरोध जिला पंचायत अध्‍यक्ष चुन लिए गए। दोनों ही जिलों में भाजपा की सफलता के बाद कार्यकर्ताओं का उत्‍साह चरम पर रहा और जीत हासिल करने के बाद कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने एक दूसरे का मुंह मीठा कराया। 

वाराणसी में रात तक फंसा रहा पेच : नोटरी अधिवक्ता की वैधता पर हुई आपत्ति में रात तक नामांकन पत्र फंसा रहा, इसकी वजह से सपा प्रत्याशी चंदा यादव का दोनों सेट का पर्चा खारिज कर दिया गया। मुख्यालय पर पर्चे की जांच के दौरान सपा व भाजपा समर्थक हुए आमने-सामने हुए और जमकर नारेबाजी के साथ धक्का- मुक्की की तो फोर्स ने कमान संभाली तो माहौल शांत हुआ। एक पर्चे की साढ़े आठ घंटे जांच की गई। जिला पंचायत अध्यक्ष सीट के लिए नामांकन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद दोपहर तीन बजे से पर्चे की जांच शुरू हुई। यह प्रक्रिया रात साढ़े 11 बजे तक जारी रही। इसके बाद आदेश जारी हुआ कि सपा प्रत्याशी चंदा यादव का पर्चा खारिज कर दिया गया है। इस मैराथन जांच की चर्चा सपाईयों की बीच खूब हुई। सत्ता पक्ष के साथ ही प्रशासनिक प्रक्रिया को सपा के अलावा विपक्ष के लोगों ने भी जमकर कोसा। इंटरनेट मीडिया पर जांच की प्रक्रिया पर कमेंट हुआ। जिला पंचायत के अध्यक्ष के लिए नामांकन प्रक्रिया पर कांग्रेस के संजीव सिंह और सपा के मनोज राय ने फेसबुक पर नामांकन कक्ष की तस्वीर पोस्ट की। इसमें कैबिनेट मंत्री आरओ के पास खड़े हैं। कुछ जनप्रतिनिधि भी बैठे हुए हैं। कमेंट में सत्‍ता पक्ष की मिलीभगत को लेकर आरोप लगाया गया। 

मऊ जिला पंचायत अध्यक्ष सीट पर मनोज राय निर्विरोध : जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए शनिवार को हुए नामांकन के दौरान भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी मनोज राय निर्विरोध जिला पंचायत अध्यक्ष चुन लिए गए। दोपहर साढ़े बारह बजे के करीब उन्होंने अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। नामांकन पत्र दाखिल करने के अंतिम समय यानि तीन बजे तक जिला प्रशासन की बार-बार की घोषणा के बाद भी समाजवादी पार्टी के घोषित उम्मीदवार रामनगीना यादव ने अपना पर्चा नहीं भरा। पर्चा दाखिला का समय समाप्त होने के बाद जिला निर्वाचन अधिकारी अमित ङ्क्षसह बंसल ने मऊ जनपद के लिए ऐतिहासिक घोषणा करते हुए मनोज राय को आधिकारिक रूप से जिला पंचायत अध्यक्ष घोषित कर दिया। जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर मनोज राय की अविष्मरणीय जीत की घोषणा होते ही समर्थकों का उत्साह ढोल-नगाड़ों से सज गया। ऐतिहासिक जीत पर भाजपा कार्यकर्ताओं एवं समर्थकों ने खूब जश्न मनाया। कार्यकर्ताओं ने उन्हें फूल मालाओं से लाद दिया। 

सपा ने की जिला अध्‍यक्षों पर कार्रवाई : मऊ और भदोही जिले में सपा के उम्‍मीदवार नामांकन ही कराने नहीं पहुंचे। ऐसे में मऊ जिले में भाजपा के उम्‍मीदवार ने निर्विरोध जीत हासिल कर ली। जबकि भदोही जिले में भी यही हाल रहा और सपा उम्‍मीदवार का फोन स्विच आफ रहा। वहीं सपा में शीर्ष स्‍तर पर इन मामलों का संज्ञान लेते हुए जिला अध्‍यक्षों पर कार्रवाई की गई। भदोही और मऊ जिले में सपा की नाकामी पर जनवरी- फरवरी 2022 में उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पूर्व समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्षअखिलेश यादव का पार्टी पर गुस्सा फूट पड़ा।

जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में मिली शिकस्त से नाराज प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम ने भदोही के पार्टी जिलाध्यक्ष बाल विद्या विकास यादव को बर्खास्त कर दिया। भदोही जिले में बीजेपी और सपा ने अपने उम्मीदवार उतारे थे। सपा प्रत्याशी श्यामकुमारी मौर्य नामांकन करने नहीं आई। बताया जाता है कि उन्हें प्रस्तावक ही नहीं मिले। जिलाध्यक्ष 10 जिला पंचायत सदस्य निर्वाचित होने का दावा कर थे। नामांकन के पहले सभी सदस्य गायब हो गए। आरोप है कि सदस्यों को बचाने में जिलाध्यक्ष असफल रहे। वहीं मऊ जिले में पार्टी जिलाअध्‍यक्ष धर्म प्रकाश यादव को उनके पद से हटा दिया गया। वहीं वाराणसी जिले में देर रात तक सियासी उठापटक के बाद भाजपा के पास सीट जाने के बाद अब वाराणसी में भी समाजवादी पार्टी की ओर से कार्रवाई की आशंंका जाहिर की जा रही है।