मानसून नजदीक, फिर भी ट्रैक्टर पा‌र्ट्स मार्केट का सूखा नहीं हो रहा दूर

 


नई दिल्ली,  संवाददाता। 
मानसून नजदीक है, फिर भी मोरी गेट ट्रैक्टर पा‌र्ट्स मार्केट का सूखा दूर नहीं हो रहा है। एक जून से अनलॉक के दौर से दिल्ली के अन्य बाजारों की तरह यह भी खुल गया है, पर कृषि आधारित राज्यों से मांग कम होने के चलते बिक्री आधी से भी कम है। यहां के कारोबारियों के मुताबिक अप्रैल से ट्रैक्टर पा‌र्ट्स की बिक्री शुरू हो जाती है और मई में यह अधिकतम रहती है। तब राष्ट्रीय राजधानी में लगे लाकडाउन के चलते यह बाजार भी बंद था।

यहां पर बता दें कि देश की राजधानी दिल्ली में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले बढ़ने पर 20 अप्रैल से लॉकडाउन लग गया था, जो 31 मई तक चला। इसके बाद अनलॉक-1, 2, 3 और 4 के दौरान कई सारी छूट का एलान किया गया। अब दिल्ली में सबकुछ खोल दिया गया है, कुछ चीजों को छोड़कर।

उधर, ऑटोमोटिव एंड जनरल ट्रेडर्स वेलफेयर एसोसिएशन, मोरी गेट के अध्यक्ष निरंजन पोद्दार कहते हैं कि पिछले वर्ष भी लॉकडाउन के चलते कारोबार काफी प्रभावित रहा था। इस बार भी बाजार खोलने की अनुमति तब मिली है जब पूरे देश में खरीफ की फसलों की तैयारी पूरी हो चुकी होती है। इस माह के आरंभ में बाजार खुले हैं, लेकिन इससे बहुत ज्यादा फायदा नहीं मिल रहा है। मोरी गेट से देशभर के किसानों के साथ बांग्लादेश, नेपाल व श्रीलंका के साथ पड़ोसी मुल्कों में ट्रैक्टर पा‌र्ट्स का कारोबार होता है। इस बाजार में तीन हजार से अधिक कारोबारी प्रतिष्ठान हैं, जिससे सालाना 10 हजार करोड़ रुपये का कारोबार होता है।

निरंदर पोद्दार कहते हैं कि इस सीजन को लेकर उन लोगों को उम्मीद ज्यादा नहीं है। इसलिए अब रबी की फसल के दौरान निकलने वाली मांग को लेकर तैयारी कर रहे हैं। उनकी मानें तो हालात में सुधार होने में काफी समय लगेगा, बशर्ते कोरोना वायरस संक्रमण अपना कहर न बरपाना शुरू कर दे।