आड-इवेन की तर्ज पर दुकानें खोलने का भाजपा ने किया विरोध

 


भाजपा की मांग सोमवार से लाकडाउन में दी जा रही ढील को तर्कसंगत बनाया जाए।

व्यापारियों ने सरकार से आड-इवेन का फार्मूला नहीं अपनाने की मांग की थी। इसके बावजूद इसी तर्ज पर दुकानें खोलने की घोषणा की है। व्यापारियों की समस्या यह है कि एक ही इमारत में दर्जनों दुकानें हैं और सभी एक साथ बंद हो जाएंगी।

नई दिल्ली  । अनलाक के दूसरे चरण में आड-इवेन की तर्ज पर दुकानें खोलने के दिल्ली सरकार के फैसले का भाजपा ने विरोध किया है। दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी ने उपराज्यपाल अनिल बैजल से मांग की है कि सोमवार से लाकडाउन में दी जा रही ढील को तर्कसंगत बनाया जाए। बाजार खोलने के लिए घोषित शर्तें व्यवहारिक नहीं हैं।

उन्होंने कहा कि व्यापारियों ने सरकार से आड-इवेन का फार्मूला नहीं अपनाने की मांग की थी। इसके बावजूद इसी तर्ज पर दुकानें खोलने की घोषणा की है। व्यापारियों की समस्या यह है कि एक ही इमारत में दर्जनों दुकानें हैं और सभी एक साथ बंद हो जाएंगी। इसे ध्यान में रखते हुए बाजार खोलने का कोई अन्य तरीका तलाश करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि आड-इवेन लागू करने की जगह बाजार खोलने का समय कम कर दिया जाए। थोक बाजार, खुदरा बाजार और रेस्तरां अलग-अलग समय पर खोले जा सकते हैं।

उन्होंने कहा कि कोरोना से बचाव के नियमों का पालन कराने की जिम्मेदारी ट्रेडर्स एसोसिएशन की दी जानी चाहिए। नियमों के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने साप्ताहिक बाजार शुरू करने की भी मांग की है। इसके साथ ही सख्त नियमों के साथ शादी समारोह शुरू करने, बैंक्वेट हाल व कैटरिंग सेवा को भी राहत देने की मांग की है।

वहीं, प्रदेश भाजपा के प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने मेट्रो स्टेशनों के सभी प्रवेश द्वार खोलने की मांग की है जिससे कि एक जगह भीड़ इकट्ठी न हो सके। लाकडाउन से पहले सभी प्रवेश द्वार नहीं खोले जाने से लंबी लाइन लगती थी। इसे लेकर उन्होंने उपराज्यपाल को पत्र लिखा है।