चतरा में परंपरा की बेड़‍ियां तोड़ बहुओं ने ससुर की अर्थी को दिया कंधा

 गिद्धौर (चतरा), जासं। बदलते परिवेश में अब धीरे-धीरे पुरानी परंपराएं भी बदल रही हैं। यह बदलाव सिर्फ शहर में ही नहीं, बल्कि गांव में भी देखने को मिल रहा है। चतरा जिले के गिद्धौर प्रखंड मुख्यालय में गुरुवार को 68 वर्षीय राजेंद्र पांडेय की शव यात्रा का दृश्य जिस किसी ने भी देखा, वह एक पल के लिए ठिठक गया। यहां शव यात्रा के साथ परिवार और समाज के सभी लोग चल रहे थे, लेकिन खास बात यह थी कि शव को कंधा दिवंगत राजेंद्र पांडेय की पुत्रवधुएं दे रही थीं।दिवंगत राजेंद्र पांडेय की पुत्रवधुएं दे रही थीं।

यह घटना जहां बहुओं के अपने ससुर से लगाव को दर्शा रही थी, वहीं परंपरा की बेड़ियों में जकड़ी महिलाओं के जागरूक होकर आगे बढ़ने की भी गवाह बनी। राजेंद्र पांडेय के तीन पुत्र हैं। उनके नाम यदुनंदन पांडेय, विजय पांडेय व बनवारी पांडेय हैं। पुत्रवधू पूनम देवी, ललिता देवी, मीनाक्षी देवी व गुड़िया देवी बताती हैं कि उनके ससुर ने हमेशा उन्हें पिता सा प्यार दिया। इस कारण उनकी मौत के बाद हमलोगों ने उनकी अर्थी को कंधा देकर अंतिम विदाई देने का निर्णय लिया।

इन महिलाओं ने अपने ससुर के शव को घर से कंधा देकर कुछ दूर तक पहुंचाया। इसके बाद पुरुषों ने कंधा देकर स्थानीय नदी स्थित श्मशान घाट तक पहुंचाया। बड़े पुत्र यदुनंदन पांडेय ने हिंदू रीति-रिवाज के साथ मुखाग्नि दी। शव यात्रा में पंचायत के मुखिया राजेश कुमार दांगी, पंचायत समिति सदस्य महोदय दांगी, राजू लाल वर्मा, निरंजन कुमार, देवनारायण दांगी, कमलेश कुमार, लक्ष्मण दांगी, शंभू कुमार पांडेय, मुनि पांडेय, संजय दांगी, विकास पांडेय, मनोज पांडेय, बैद्यनाथ दांगी सहित अन्य ग्रामीण शामिल थे।