कर्नाटक एमएलसी एएच विश्वनाथ ने कहा- राज्य में नेतृत्व बदलाव जरूरी; सीएम येदियुरप्पा ने भी दिया जवाब


कर्नाटक भाजपा में सियासी घमासान जारी है

एमएलसी ने कहा कि कल नेताओं ने पार्टी महासचिव अर्जुन सिंह से मुलाकात की। वो भले ही खुलकर नहीं बोले रहे हैं लेकिन उनमें से 80 फीसद नेताओं का मानना है कि पार्टी नेतृत्व में बदलाव जरूरी है।

बेंगलुरु, एएनआइ। कर्नाटक में सियासी हलचल जारी है। भारतीय जनता पार्टी के महासचिव अरुण सिंह कर्नाटक के दौरे पर हैं और पार्टी के पदाधिकारियों से बात कर रहे हैं। इस बीच भाजपा एमएलसी एएच विश्वनाथ ने बीएस येदियुरप्पा के नेतृत्व पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि ज्यादातर नेताओं और मंत्रियों का मानना है कि राज्य में नेतृत्व में बदलाव होना चाहिए। वरना आने वाले दिनों में पार्टी के लिए दिक्कत हो जाएगी और हमारा दोबारा सत्ता में आना मुश्किल हो जाएगा।

समाचार एजेंसी एएनआइ के मुताबिक, एमएलसी ने कहा कि कल नेताओं ने पार्टी महासचिव अर्जुन सिंह से मुलाकात की। वो भले ही खुलकर नहीं बोले रहे हैं लेकिन उनमें से 80 फीसद नेताओं का मानना है कि पार्टी नेतृत्व में बदलाव जरूरी है। वरना राज्य में पार्टी को बचा पाना मुश्किल हो जाएगा और हम सत्ता में वापसी नहीं कर सकेंगे। कई नेता और मंत्रियों का भी यही मानना है।

इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि येदियुरप्पा नेतृत्व में भ्रष्टाचार है और उनके बेटे विजयेंद्र भी इसमें शामिल हैं और जनता इस बारे में बातें कर रही है। उन्होंने कहा, 'सरकार के कामकाज, पार्टी, पारदर्शिता और लोगों के प्रति कार्रवाई के मुद्दों पर मैंने पहले ही प्रभारी से बात की थी। यहां भ्रष्टाचार है। लगता है उनके (सीएम) बेटे विजयेंद्र सभी विभागों में शामिल हैं। जनता उनके बेटे की दखलअंदाजी और भ्रष्टाचार की बातें कर रही है।'

इस पर कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने कहा है कि वो विधायक एएच विश्वनाथ के बयान पर कोई प्रतिक्रिया नहीं देना चाहते हैं और इस पर क्या एक्शन लेना है उसका निर्णय हाईकमान द्वारा किया जाएगा। उन्होंने आगे कहा, अगर कोई मुद्दा है तो हम उस पर चर्चा कर लेंगे और 2-3 सदस्यों में जो भ्रम है उसको भी साफ कर देंगे। इसके साथ ही उन्होंने कहा, 'कोई राजनीतिक भ्रम नहीं है, हालांकि कुछ लोग मीडिया के सामने आकर कुछ बातें बोल रहे हैं जिसे हाइलाइट किया जा रहा है। वो ऐसा शुरुआत से कर रहे हैं। इसमें कोई कन्फ्यूजन नहीं है कि प्रभारी अरुण सिंह उनसे मिले भी नहीं हैं। कोई कैबिनेट सदस्य चिंतित नहीं है।'