डॉक्टर हर्षवर्धन ने कोरोना महामारी, ब्लैक फंगस और टीकाकरण को लेकर की उच्च स्तरीय बैठक

 


उच्च स्तरीय मत्रियों समूह (GoM) की बैठक की अध्यक्षता करते हुए डॉक्टर हर्षवर्धन

कोरोना के टीकाकरण पर बोलते हुए डॉ हर्षवर्धन ने कहा कि आज सुबह तक 232786482 लोगों को वैक्सीन की खुराक दी जा चुकी हैं। 18 से 44 आयु वर्ग की बात करें तो 28618514 लोगों को पहली खुराक दी गई है।

नई दिल्ली, एजेंसियां। केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने सोमवार को एक उच्च स्तरीय मत्रियों समूह (GoM) की बैठक की। यह बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंस द्वारा की गई, जिसमें कोरोना महामारी से बचने के उपायों, टीकाकरण और ब्लैक फंगस पर मंत्रियों के साथ विस्तृत चर्चा की गई। डॉ. हर्षवर्धन की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में उनके साथ विदेश मंत्री डॉक्टर एस जयशंकर, केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्री हरदीप सिंह पुरी, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय और केंद्रीय राज्य स्वास्थ्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे आदि मौजूद रहे। बैठक की शुरुआत में डॉ हर्षवर्धन ने कोरोना को नियंत्रित करने के लिए भारत के प्रयासों का लेखा जोखा पेश किया। जिसमें उन्होंने कहा कि कोरोना से ठीक होने वालों की दर बढ़ रही है, जो कि आज 93.94 फीसद है। पिछले 24 घंटों में हमारे पास पिछले 61 दिनों में सबसे कम दैनिक नए मामले सामने आए हैं, जिनमें केवल 1 लाख से अधिक मामले (1,00,636) हैं। पिछले 24 घंटों में 1,74,399 ठीक हुए हैं। कोरोना की मृत्यु दर 1.20 फीसद हो गई है। आज लगातार 25वां दिन है जब हमारे दैनिक स्वस्थ होने वालों की संख्या नए मामलों से अधिक है।

कोरोना के टीकाकरण पर बोलते हुए डॉ हर्षवर्धन ने कहा कि आज सुबह तक 23,27,86,482 लोगों को वैक्सीन की खुराक दी जा चुकी हैं। 18 से 44 आयु वर्ग की बात करें तो 2,86,18,514 लोगों को पहली खुराक दी गई है। आज की स्थिति में राज्यों के पास 1.4 करोड़ से अधिक खुराक अभी भी उपलब्ध हैं। अन्य श्रेणियों के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि 60+ वर्ग में 6,06,75,796 लोगों और 45 से 59 आयु वर्ग में 7,10,44,966 लोगों को पहली खुराक दी गई है।

कोरोना की टेस्टिंग पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि 7 जून की सुबह तक हमने अब तक 36.6 करोड़ (36,63,34,111) परीक्षण किए हैं और कल (रविवार) छुट्टी होने के बावजूद 15 लाख से अधिक परीक्षण किए गए हैं। कोरोना टेस्टिंग प्रयोगशालाओं की संख्या भी 2,624 हो गई है।

स्वास्थ्य मंत्री ने आगे कहा कि कोरोना की दूसरी लहर में अब लगातार दैनिक मामलों में गिरावट आ रही है। कोरोना से ठीक होने वाले लोगों की संख्या अधिक है। सक्रिय मामलों में से 83 फीसद 10 राज्यों में हैं और शेष 17 फीसद 26 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में हैं। 7 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (दिल्ली, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, गुजरात, उत्तराखंड और झारखंड) में एक हजार से कम मामले हैं। 5 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (जम्मू, पंजाब, बिहार, छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश) में दो हजार से कम मामले हैं। यहां तक ​​कि महाराष्ट्र, केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु जैसे सबसे अधिक प्रभावित राज्यों में भी मामलों की संख्या में महत्वपूर्ण दर से गिरावट देखी गई है।

डॉक्टर हर्षवर्धन ने म्यूकोर्मिकोसिस (ब्लैक फंगस) के उभरते मामलों को कम करने के लिए केंद्र और राज्यों के बीच सहयोग की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि 28 राज्यों से अब तक 28,252 ब्लैक फंगस के मामले सामने आ चुके हैं। इनमें से 86 फीसद (24,370 मामले) में कोरोना के चलते रहे हैं और 62.3 फीसद (17,601) का मधुमेह के चलते सामने आए हैं। महाराष्ट्र में सबसे अधिक म्यूकोर्मिकोसिस मामले (6,339) आएं हैं इसके बाद गुजरात (5,486) में सबसे ज्यादा मामले सामने आए हैं। सरकार ब्लैक फंगस के मामलों को कम करने के लिए पूरी कोशिश कर रही है।

बैठक में बोलते हुए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने कहा कि टीके की झिझक को दूर करने के प्रयास किए जाने चाहिए। लोगों को टीके लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए क्योंकि यह कोरोना से लड़ने के लिए एक महत्वपूर्ण उपकरण है।