आइआइटी निदेशक और विवि के कुलपति ने भी की मुलाकात

 


राष्ट्रपति से सर्किट हाउस में मिले प्रबुद्धजन, उद्यमी और शिक्षाविद्।

कानपुर के सर्किट हाउस में ठहरे राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द से मुलाकात करने वालों का सिलसिला सुबह से शुरू हो गया। जागरण समूह के सीएमडी महेंद्र मोहन गुप्त व तिरंगा अगरबत्ती समूह के निदेशक नरेंद्र शर्मा ने भी मुलाकात की।

कानपुर। राष्ट्रपति के शहर आने के बाद पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत शनिवार सुबह 11 बजे से मुलाकात करने वाले प्रबुद्ध जन, उद्यमी, शिक्षाविद् समेत परिचित व जनप्रतिनिधयों के आने का सिलसिला शुरू हो चुका है। अबतक आइआइटी के निदेशक, सीएसजेएमयू के कुलपति, एचबीटीयू के कुलपति समेत कई विशष्ट लोग मुलाकात कर चुके हैं। तय समय के अनुसार मिलने वालों का पहुंचना जारी है।

दिल्ली से प्रसीडेंशियल ट्रेन से आने के बाद राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द और उनकी पत्नी ने कानपुर सर्किट हाउस में रात्रि प्रवास किया। शनिवार सुबह जागने के बाद तय दिनचर्या का क्रम पूरा होने के बाद 11 बजे से प्रबुद्ध जन, उद्यमी, शिक्षाविद् समेत परिचित व जनप्रतिनिधयों से मुलाकात का सिलसिला शुरू हुआ। राष्ट्रपति से मिले सीएसजेएमयू के कुलपति विनय पाठक ने विश्वविद्यालय में पुरातन साइंस पर शोध कराने औऱ सेंटर फॉर एक्सीलेंस की स्थापना करने का आग्रह किया। राष्ट्रपति ने उन्हें मदद के लिए आश्वस्त किया और इसके साथ ही एल्युमिनाई फंड बढ़ाने का सुझाव दिया। राष्ट्रपति ने भी पिछले दौरे पर फंड में राशि दी थी।

अभी तक राष्ट्र्पति से आइआइटी के डायरेक्टर अभय करंदीकर, एचबीटीयू के कुलपति प्रो. शमशेर सिंह मुलाकात कर चुके हैं। प्रो. शमशेर सिंह ने उन्हें एचबीटीयू के समारोह में शामिल होने का निमंत्रण दिया। डाॅ. अंगद सिंह समेत कई नामी हस्तियां राष्ट्रपति मिलने पहुंच चुकी हैं। महापौर प्रमिला पांडेय भी सुबह पहुंची लेकिन लेकिन उन्हें लौटना पड़ा क्योंकि उन्हें दोपहर बाद बुलाया गया है।

जागरण समहू के सीएमडी ने की मुलाकात

काफी टेबल बुक राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द को भेंट की गई। जागरण समूह के सीएमडी महेंद्र मोहन गुप्त व तिरंगा अगरबत्ती समूह के निदेशक नरेंद्र शर्मा ने सुबह उनसे मुलाकात की और यह बुक भेंट की।  टेबल बुक देवालय में कानपुर नगर व कानपुर देहात के उन मंदिरों का वर्णन हैै, जो पर्यटन की द्रष्टि से कहीं न कहीं गुमनामी के अंधेरे में खोए हुए हैैं। इसमें कानपुर नगर व कानपुर देहात के 48 मंदिरों का वर्णन है। मंदिर की भव्यता से लेकर उनके इतिहास के बारे में पूरी जानकारी इसमें प्रकाशित की गई है। राष्ट्रपति के पैतृक गांव परौंख के प्राचीन पथरी देवी मंदिर का भी जागरण काफी टेबल बुक में उल्लेख है। इस मंदिर की विशेषता यह है कि नवरात्र के दिनों में पत्थर से बने कुंड में रखी बटियों की संख्या एकदम से बढ़ जाती है। नवरात्र में पूजन के साथ यहां मेला भी लगता है।