रिश्वत मांगने के आरोप में महिला पुलिसकर्मी पर मामला दर्ज, रिश्वत लेते पुरुष कांस्टेबल गिरफ्तार

 


रिश्वत मांगने के आरोप में महिला पुलिसकर्मी पर मामला दर्ज, रिश्वत लेते पुरुष कांस्टेबल गिरफ्तार। फाइल फोटो
जामनगर में एक महिला पुलिस सब इंस्पेक्टर के खिलाफ कथित तौर पर 5000 रुपये की रिश्वत मांगने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है जबकि उसके पुरुष सहयोगी कांस्टेबल को राशि स्वीकार करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।

जामनगर, प्रेट्र। गुजरात के जामनगर में एक महिला पुलिस सब इंस्पेक्टर के खिलाफ कथित तौर पर 5000 रुपये की रिश्वत मांगने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है, जबकि उसके पुरुष सहयोगी कांस्टेबल को राशि स्वीकार करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दोनों आरोपित पीएसआई यूआर भट्ट और कांस्टेबल दिव्यराज सिंह झाला जामनगर शहर के महिला थाने में तैनात हैं।

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) के एक अधिकारी ने बताया कि भट्ट ने शिकायतकर्ता से उस थाने में दर्ज अपनी भाभी के अपहरण के मामले की जांच के बदले में रिश्वत मांगी थी। अपहरण के मामले की सूचना देने वाले व्यक्ति द्वारा दर्ज की गई शिकायत पर कार्रवाई करते हुए स्थानीय एसीबी ने शुक्रवार रात महिला थाने में जाल बिछाया और पीएसआई भट्ट के ड्राइवर के रूप में काम करने वाले एक कांस्टेबल दिव्यराज सिंह झाला को गिरफ्तार कर लिया। झाला को पकड़ा गया। उसने भट्ट के कहने पर 5000 रुपये लिए थे। अधिकारी ने कहा कि पीएसआई मौके से फरार हो गया और अभी तक उसे पकड़ा नहीं जा सका है। अधिकारी ने कहा कि गिरफ्तार आरोपित ने स्वीकार किया कि वह पीएसआई की ओर से रिश्वत ले रहा था।

गौरतलब है कि गुजरात में एकाकी जीवन बिता रहे बुजुर्ग दंपती की सुरक्षा का पुलिस विशेष ख्याल रखेगी। साथ ही, उनके रोजमर्रा के कामकाज में भी मदद करेगी। उनके यहां आने वालों की जानकारी एकत्र करने के साथ पुलिस बुजुर्गों को इरादापूर्वक अकेले छोड़े जाने वाले बेटे व पोतों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई में भी मदद करेगी। गुजरात में अकेले रहने वाले बुजुर्ग दंपत्तियों के साथ आए दिन होने वाली आपराधिक वारदातों को देखते हुए पुलिस महानिदेशक आशीष भाटिया ने एक परिपत्र जारी कर सभी पुलिस थानों को अकेले जीवन बिता रहे बुजुर्ग दंपत्तियों की सूची तैयार करने को कहा है। भाटिया ने कहा कि ऐसे लोग अपराधियों के निशाने पर होते हैं, पुलिस 15 अप्रैल तक ऐसे करीब 42500 वरिष्‍ठ नागरिकों की सूची तैयार करेगी।