ऊपर सूरज की तपिश और नीचे प्यास बुझाने के लिए पानी की जद्दोजहद, पढ़िए दिल्ली के बलजीत नगर के हालात

 


सरकारें आईं और चली गई मगर नहीं बदले दिल्ली के बलजीत नगर के हालात,

बलजीत नगर इलाके में इन दिनों कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए बनाए गए सभी नियमों की धज्जियां उड़ रही हैं जिससे लोगों को जान का खतरा भी सता रहा हैं। वहीं लोगों को भयानक गर्मी के बीच घंटों कतार में खड़े होकर पानी के लिए तरसना पड़ता है।

नई दिल्ली। बूंद बूंद पानी के लिए राजधानी दिल्ली के बलजीत नगर इलाके में इन दिनों कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए बनाए गए सभी नियमों की धज्जियां उड़ रही हैं, जिससे लोगों को जान का खतरा भी सता रहा हैं। वहीं, लोगों को भयानक गर्मी के बीच घंटों कतार में खड़े होकर पानी के लिए तरसना पड़ता है। घंटों बारी का इंतजार करने के बाद जब नंबर आता भी है तो पानी की कैन भरने को लेकर लोगों के बीच झडप तक हो जाती है। इतना ही नहीं लोगों का कहना है कि वह पिछले 20 सालों से अधिक समय से ऐसे ही अपनी जिंदगी बिता रहे हैं, जिसकी अब उन्हें आदत से हो गई हैं। तमाम सरकार और विधायक आए और चले गए, लेकिन किसी ने भी उनकी इस समस्या का हल नहीं निकाला।

बलजीत नगर, पंजाबी बस्ती, नेपाली मंदिर इलाके, और प्रेम नगर कालोनी में रहने वाले लोगों का कहना है कि वह वर्षों से अपने क्षेत्र में पीने के पानी की पाइप लाइन बिछाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन इस बीच तमाम सरकारें बनी और चलीं गई, लेकिन आज तक किसी भी सरकारी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। स्थानीय पार्षद, विधायक, मंत्री, जल बोर्ड और तमाम सरकारी अधिकारियों से इसकी शिकायत की जा चुकी हैं, लेकिन हुआ कुछ नहीं। आज भी कालोनी की रहने वाली महिलाएं गांव की तरह ही पानी भरने के लिए घरों से कई सौ मीटर दूर तक जाती हैं और अपने सिर या हाथों में पानी की कैन व बाल्टी लेकर आती हैं। इसके अलावा छात्र अपनी पढ़ाई छोड़कर धूप में बैठकर घंटों तक पानी के टैंकर का इंतजार करते हैं। लोगों का कहना है कि दिल्ली जल बोर्ड के अधिकारी कई बार आकर निरीक्षण करके चले गए हैं, लेकिन आज तक पाइप लाइन नहीं बिछी है।

35 हजार से अधिक लोगों को मिलेगा फायदा

नेपाली मंदिर कालोनी, नेहरूनगर, पंजाबी बस्ती और बलजीत नगर इलाके में करीब 35 हजार से अधिक लोग आज के युग में भी पानी के लिए तरस रहे हैं। उनका कहना है कि अगर इस इलाके में पानी की लाइन बिछती हैं तो हजारों की संख्या में लोगों को सीधे तौर पर इसका फायदा होगा। उनका कहना है कि सरकार को केवल लोगों को वोट बैंक के लिए प्रयोग नहीं करना चाहिए, बल्कि उनकी समस्याओं को निस्तारण भी करना चाहिए।

लोगों के वर्जन

- इलाके में पीने के पानी की 20 से अधिक साल से परेशानी बनी हुई हैं। अब भी लोगों को लाइन में लगकर पानी लेने के लिए जाना पड़ता है। वहीं, ड्यृटी जाने वाले लोगों को सबसे अधिक परेशानी होती है।

श्रीराम

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पानी के टैंकर पर पानी भरते हुए अकसर लोगों के बीच झगड़े होते हैं। इसकी जानकारी अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को भी है, लेकिन कोई इस ओर ध्यान नहीं देता है।

फूलमती देवी

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पढ़ाई छोड़कर घंटों पानी के टैंकर का इंतजार करना होता है। बारी बारी से नंबर आने में देरी होती है। लोग परेशान है। अगर कालोनी में पानी की पाइप लाइन बिछ जाएगी तो सभी को फायदा होगा।

दीपचंद

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कोरोना संक्रमण फैलने को सबसे अधिक खतरा बना हुआ है। दूसरी लहर के दौरान कालोनियों के बहुत सारे लोगों को संक्रमण भी हुआ, लेकिन इसके बाद भी कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा।

राहुल

विधायक का पक्ष

- कुछ इलाकों में पानी की पाइप लाइन बिछने का काम रह गया है। उसका बजट बनाकर भेजा गया है, जल्द ही लोगों की समस्या का निस्तारण हो जाएगा और लोगों को पानी मिलने लगेगा।

राज कुमार आनंद, विधायक आप, पटेल नगर