कोरोना की तीसरी लहर का असर न हो, इसकी पूरी तैयारी करें- शिवराज सिंह चौहान


कोरोना की तीसरी लहर की तैयारियां जरूरी।(फोटो: दैनिक जागरण)

कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम के लिए ज्यादा से ज्यादा जांच हो टीकाकरण अभियान की निगरानी करें। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कोरोना की स्थिति और व्यवस्थाओं को लेकर की समीक्षा। पूरी तैयारियां करना जरूरी।

भोपाल। देश में कोरोना की दूसरी लहर के बाद तीसरी लहर की संभावना जताई गई है। इसको देखते हुए सभी राज्य तैयारियों में जुट गए हैं। मध्य प्रदेश में कोरोना संक्रमण अब पूरी तरह समाप्ति की ओर है। नए प्रकरणों की संख्या पांच सौ से भी कम हो गई है। भोपाल और इंदौर को छोड़ककर 50 जिलों में औसत साप्ताहिक संक्रमण की दर दो फीसद से नीचे आ गई है। संक्रमण की दृष्टि से देश में प्रदेश का स्थान 23वां है। तीसरी लहर का कोई असर न हो, इसकी तैयारी की जाए। संक्रमण की रोकथाम के लिए अधिकाधिक जांच कराई जाए।

यह बात मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को कोरोना की स्थिति और व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए कही। उन्होंने कहा, कोरोना संक्रमण रोकने के लिए लोगों के पास जाकर जांच की जाए। एक-एक कोरोना के मरीज को ढूंढकर उपचार किया जाए। टीकाकरण ही कोरोना का सुरक्षा कवच है। इसके मद्देनजर प्रदेश में टीकाकरण का अभियान चलाया जाए और इसकी निगरानी भी हो।

इस दौरान अधिकारियों ने बताया प्रदेश में मंगलवार को कोरोना के नए प्रकरण 453 आए हैं और एक हजार 329 मरीज स्वस्थ हुए हैं। सक्रिय प्रकरण सात हजार 71 हो गए हैं। अब तीन हजार 135 मरीज अस्पतालों में उपचार करा रहे हैं। होम आइसोलेशन में तीन हजार 936 मरीज हैं। इस दौरान चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

10 जिलों में नहीं आया नया प्रकरण

प्रदेश के 10 जिलों([आलीराजपुर, भिंड, दतिया, डिंडौरी, गुना, हरदा, मंडला, श्योपुर, सिंगरौली तथा टीकमग़़ढ)] में कोरोना का कोई भी नया प्रकरण मंगलवार को नहीं आया है। आलीराजपुर जिला पूर्ण रूप से कोरोना संक्रमण मुक्त है।

छह जिलों ([इंदौर में 144, भोपाल 104, जबलपुर 39, उज्जैन 13, बैतूल 12 तथा रतलाम में 11)] में नए प्रकरण दस से ज्यादा आए हैं। इंदौर और भोपाल ही ऐसे जिले हैं, जहां साप्ताहिक संक्रमण दर दो फीसद से ज्यादा है। इंदौर में यह 2.1 और भोपाल में 2.2 फीसद है।