आगरा में सुबह लड़खड़ाई आधे शहर की जलापूर्ति, जानिए क्यों खड़ा हुआ संकट


सिकंदरा में बिजली की समस्या से जलापूर्ति ठीक तरीके से नहीं हो पा रही है।

 बिजली की आंख मिचौली से खड़ा हुआ संकट सिकंदरा के दोनों प्लांट रहे प्रभावित। मंगलवार को 17 स्थलों पर हुआ लीकेज भेजे गए टैंकर। लीकेज होने के चलते हर दिन लाखों लीटर गंगाजल बर्बाद होता है।

आगरा,  संवाददाता। मंगलवार सुबह बिजली की आंख मिचौली से आधे शहर की जलापूर्ति लड़खड़ा गई। इससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई बार प्लांट को बंद और चालू करना पड़ा। शिकायतों के बाद जल संस्थान की टीम ने टैंकरों से पानी भेजा। 17 स्थलों पर लीकेज हुए। जल संस्थान की टीम ने लीकेज की मरम्मत शुरू कर दी है। जीवनी मंडी वाटरवर्क्स से 125 और सिकंदरा के दोनों प्लांट से 180 एमएलडी पानी की आपूर्ति हुई।

सुबह लीकेज सही, शाम को फिर से हुआ लोहामंडी रोड हो या फिर आवास विकास। यह ऐसे क्षेत्र हैं, जहां जल संस्थान की टीम ने सुबह लीकेज की मरम्मत की। शाम को फिर से लीकेज हो गया। लीकेज होने के चलते हर दिन लाखों लीटर गंगाजल बर्बाद होता है।

इन क्षेत्रों में सबसे अधिक दिक्कत 

आवास विकास कालोनी सेक्टर एक से 16, सिकंदरा और बोदला, लोहामंडी, जयपुर हाउस, केदारनगर, अर्जुन नगर, खेरिया मोड़, मदिया कटरा रोड।

हर दिन बर्बाद होता है लाखों लीटर गंगाजल 

लीकेज होने के चलते हर दिन लाखों लीटर गंगाजल बर्बाद होता है जबकि इससे पानी का प्रेशर कमजोर हो जाता है या फिर संबंधित क्षेत्रों में जलापूर्ति ठप हो जाती है।

फैक्ट फाइल

- पालड़ा फाल बुलंदशहर से आगरा को हर दिन 350 एमएलडी गंगाजल मिल रहा है।

- 144 एमएलडी गंगाजल सिकंदरा स्थित गंगाजल प्लांट को दिया जा रहा है।

- 135 एमएलडी गंगाजल की आपूर्ति जीवनी मंडी वाटरवर्क्स को की जा रही है।

- सिकंदरा में बिजली की समस्या से जलापूर्ति ठीक तरीके से नहीं हो पा रही है। यहां पर यमुनाजल और गंगाजल के प्लांट हैं।

आरएस यादव, महाप्रबंधक जल संस्थान