भारत-पाकिस्तान के बीच सीरीज एशेज से ज्यादा पसंद की जाती है, पूर्व कप्तान का दावा

 


भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय सीरीज बंद है

भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय क्रिकेट संबंध करीब एक दशक से नहीं हैं लेकिन पूर्व कप्तान इंजमाम उल हक ने कहा है कि दोनों देशों के बीच क्रिकेट की शुरुआत फिर से होनी चाहिए। भारत और पाकिस्तान आइसीसी इवेंट्स में ही भिड़ते हैं।

नई दिल्ली। एक समय था जब भारत और पाकिस्तान आइसीसी इवेंट्स, शारजाह में टूर्नामेंट और कुछ द्विपक्षीय सीरीज में एक-दूसरे के साथ अक्सर खेलते थे। हालांकि, सीमा के दोनों ओर बढ़ते राजनीतिक तनाव के कारण दोनों देशों के बीच क्रिकेट संबंध ठप हो गए। आज, भारत और पाकिस्तान केवल ICC इवेंट्स के दौरान एक-दूसरे से भिड़ते हैं। आखिरी बार 2019 विश्व कप में भारत और पाकिस्तान के बीच मुकाबला हुआ था, जिसमें विराट कोहली की कप्तानी वाली टीम इंडिया ने जीत हासिल की थी। दोनों देशों के बीच क्रिकेट शुरू करने की वकालत पूर्व पाकिस्तानी कप्तान इंजमाम उल हक ने की है। उनका कहना है कि भारत और पाकिस्तान के बीच सीरीज एशेज सीरीज से बड़ी होगी।

पाकिस्तान टीम के पूर्व कप्तान इंजमाम उल हक ने स्पोर्ट्स्टार को दिए इंटरव्यू में कहा है, "एशेज की तुलना में भारत-पाकिस्तान सीरीज को बहुत अधिक पसंद किया है और लोगों ने हर पल का भरपूर आनंद लिया। खेल और खिलाड़ियों की बेहतरी के लिए एशिया कप और भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय सीरीज का होना भी जरूरी है।" करीब एक दशक से दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सीरीज देखने को नहीं मिली है। यही कारण है कि हर कोई दोनों देशों को खेलते देखना चाहता है, क्योंकि दोनों ही टीमें एक-दूसरे की कट्टर प्रतिद्वंदी हैं।

इंजमाम ने कहा है, "प्रत्येक प्रतियोगिता महत्वपूर्ण है। हमारे समय में, एशिया कप एक ऐसा टूर्नामेंट था जहां शीर्ष टीमें प्रतिस्पर्धा करती थीं। जितना अधिक आप उच्च गुणवत्ता वाला क्रिकेट खेलते हैं, आप अपने कौशल का विकास करते हैं। उदाहरण के लिए, यदि भारत पाकिस्तान के साथ खेल रहा होता, तो खिलाड़ी अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास करने के लिए उत्साहित होते, क्योंकि वे इन मैचों के महत्व और तीव्रता को जानते हैं। यह न केवल एक खिलाड़ी को बढ़ने में मदद करता है, बल्कि उसे प्रशंसकों से प्रशंसा अर्जित करने में भी मदद करता है। मुझे लगता है कि इन टूर्नामेंटों का होना महत्वपूर्ण है।"