महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख को ईडी का समन, दो सहयोगी भी हुए गिरफ्तार

 


अनिल देशमुख के निजी सहायक कुंदन शिंदे और निजी सचिव संजीव पलांडे गिरफ्तार

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख  शनिवार को अपने कार्यालय में तलब किया है। अनिल देशमुख के निजी सहायक कुंदन शिंदे  और निजी सचिव संजीव पलांडे  को भी गिरफ्तार किया है।

मुंबई, एएनआइ। कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पूछताछ के लिए महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख को शनिवार को अपने कार्यालय में तलब किया है। अनिल देशमुख के निजी सहायक कुंदन शिंदे और निजी सचिव संजीव पलांडे  को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) नेगिरफ्तार किया है। इस बीच, ईडी ने कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख के नागपुर स्थित आवास पर छापा मारा। गौरतलब है कि शुक्रवार (25 जून) को अनिल देशमुख के नागपुर और वर्ली में स्थित आवास पर ईडी ने छापेमारी भी की थी।

इस मामले में महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख ने पत्रकारों से कहा आप जानते हैं परमबीर सिंह ने मुंबई पुलिस कमिश्नर के पद से हटाए जाने के बाद मुझ पर झूठे आरोप लगाए क्योंकि उनकी भूमिका बेहद संदिग्ध थी। जब वह पद पर थे तब उन्होंने आरोप क्यों नहीं लगाए?

वहीं एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने शुक्रवार का अनिल देशमुख के आवास पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के छापेमारी पर प्रतिक्रिया जताते हुए कहा 'ये सभी चीजें हमारे लिए नई नहीं हैं। केंद्रीय एजेंसियों की निगाह उनके बेटे के कारोबार पर थी, लेकिन जहां तक मुझे पता है उन्हें कुछ नहीं मिला इसलिए वे अन्य जगहों पर उनके परिवार के लिए परेशानी खड़ी करने की कोशिश कर रहे हैं। चिंता करने की जरूरत नहीं है।

बता दें कि राज्‍य के गृहमंत्री अनिल देशमुख ने भ्रष्‍टाचार का आरोप लगने के बाद अपने पद से इस्‍तीफा दे दिया था। दरअसल मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्‍त परमबीर सिंह ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को एक पत्र लिख पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख पर प्रतिमाह 100 करोड़ वसूली करवाने का आरोप लगाया था। इसके अलावा सचिन वाजे भी अनिल देशमुख पर अवैध वसूली का आरोप लगा चुके हैं। इस आरोप को लेकर अनिल देशमुख पर मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया गया था। मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप को लेकर ही प्रवर्तन निदेशालय उनके आवास पर छापेमारी कर रही है। वहीं सचिन वाजे का आरोप है कि 6 जून 2020 को मैंने दोबारा अपना पद ग्रहण किया था, जिसके बाद शरद पवार मुझसे खुश नहीं थे और मुझे दोबारा सस्‍पेंड करने के लिए कहा गया था। उस समय अनिल देशमुख ने शरद पवार को मनाने के लिए मुझसे 2 करोड़ रुपये मांगे थे।