लो फ्लोर बसें खरीदने में हुई अनियमितता, सीबीआइ करे मामले की जांचः भाजपा


दिल्ली में 15 हजार बसों की है जरूरत, पारदर्शी तरीके से हो खरीदें।

भाजपा ने लो फ्लोर बस खरीद मामले की सीबीआइ से जांच कराने की मांग की है। भाजपा नेताओं का कहना है कि लो फ्लोर बसों की खरीद प्रक्रिया में अनियमितता हुई है। इसके लिए दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत और दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) के प्रबंध निदेशक जिम्मेदार हैं।

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। भाजपा ने लो फ्लोर बस खरीद मामले की सीबीआइ से जांच कराने की मांग की है। भाजपा नेताओं का कहना है कि लो फ्लोर बसों की खरीद प्रक्रिया में अनियमितता हुई है। इसके लिए दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत और दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) के प्रबंध निदेशक जिम्मेदार हैं। दोनों को अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार इस मामले को दबाना चाही है इसलिए दिल्ली पुलिस की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एबीसी) को जांच की अनुमति नहीं दे रही है। इस मामले की शिकायत केंद्रीय सतर्कता आयोग से की जाएगी।

प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी ने कहा कि दिल्ली में आज 15 हजार बसों की जरूरत है, लेकिन पिछले छह सालों में आम आदमी पार्टी (आप) सरकार ने एक भी बस नहीं खरीद सकी है। इस समय दिल्ली की सड़कों पर चल रही डीटीसी बसों की आयु सितंबर तक पूरी हो जाएगी। राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुसार इन बसों को सितंबर के बाद सड़कों पर नहीं उतारा जा सकेगा। बसों की कमी दूर करने के लिए ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। पारदर्शी तरीके से बसों की खरीद करने की जरूरत है।

प्रदेश भाजपा के पूर्व अध्यक्ष व रोहिणी के विधायक विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि हम बस खरीद में हुई गड़बड़ी का मुद्दा वह पिछले साल से उठाते आ रहे हैं। परिवहन विभाग की जांच में भी गड़बड़ी मिली है। उन्होंने परिवहन विभाग की जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सरकार ने अब बस खरीद पर रोक लगा दी है, इससे जाहिर होता है कि इस मामले में भ्रष्टाचार हुआ है। प्रदेश भाजपा के महामंत्री हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि इस पूरे मामले में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है। इसे रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने की जरूरत है। उन्होंने बसों के खरखाव के अनुबंध को रद करने की मांग की है।