दो सदस्यों वाली भाजपा का गाजियाबाद जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर कब्जा! प्रत्याशी का निर्विरोध चुना जाना तय


जिला पंचायत अध्यक्ष पद की कुर्सी पर भाजपा का कब्जा हो गया है।

जिला पंचायत अध्यक्ष पद की कुर्सी पर भाजपा का कब्जा हो गया है। भाजपा ने ममता त्यागी को जिला पंचायत अध्यक्ष पद प्रत्याशी घोषित किया था। अब यदि ममता त्यागी अपना नामांकन पत्र 29 जून को दोपहर तीन बजे तक वापस लें तो ही नतीजे कुछ अलग हो सकते हैं।

गाजियाबाद । गाजियाबाद जिला पंचायत अध्यक्ष पद की कुर्सी पर भाजपा का कब्जा लगभग तय है। शनिवार को भाजपा प्रत्याशी ममता त्यागी के अलावा किसी ने भी नामांकन दाखिल नहीं किया ऐसे में अब उनका निर्विरोध चुना जाना तय है। अब अगर ममता त्यागी अपना नामांकन पत्र 29 जून को दोपहर तीन बजे तक वापस लें, तो ही नतीजे कुछ अलग हो सकते हैं। जोकि ऐसा नही होने वाला। अपर जिलाधिकारी प्रशासन ऋतु सुहास का कहना है कि शनिवार सिर्फ ममता त्यागी ने नामांकन किया है। उनके विरोध में कोई नामांकन पत्र जमा नही किया गया है। जिला प्रशासन द्वारा जिला पंचायत अध्यक्ष के निर्विरोध विजयी घोषित होने की आधिकारिक घोषणा तीन जुलाई को की जाएगी। 

बता दें कि गाजियाबाद में जिला पंचायत सदस्यों की कुल संख्या 14 है। इनमें से समाजवादी पार्टी के तीन, चौधरी अजीत सिंह की पार्टी रालोद के तीन, बसपा के पांच और भाजपा के दो उम्मीदवार चुनाव जीते थे। जबकि एक निर्दलीय को जीत मिली थी। सपा-रालोद ने तो अपना प्रत्याशी भी घोषित कर दिया था। ऐसे में बसपा की भूमिका अहम मानी जा रही थी। 

जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर जीत के लिए किसी भी दल को आठ सदस्यों की संख्या बल जरुरी थी। ऐसे में बहुमत किसी के पास नहीं था। सपा और रालोद ने संयुक्त रूप से बसपा से निष्कासित धौलाना विधायक असलम चौधरी की पत्नी नसीम बेगम चौधरी को जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए उम्मीदवार घोषित किया था। 

जिला पंचायत सदस्य को बंधन बनाने का आरोप

सपा महानगर अध्यक्ष राहुल चौधरी ने सपा-रालोद प्रत्याशी नसीम बेगम चौधरी की प्रस्ताव रजनी खटीक को एक होटल में बंधक बनाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि भाजपा प्रत्याशी ममता त्यागी को चुनाव में जिताने के लिए भाजपा द्वारा सपा-रालोद प्रत्याशी को नामांकन करने से रोका जा रहा है। सपा के आरोपों पर अपर जिलाधिकारी रितु सुहास का कहना है कि मामले की जानकारी मिली है। जांच करवाई जा रही है।