भाजपा ने केरल की एलडीएफ सरकार पर लगाया बदले की राजनीति का आरोप, हाईवे डकैती कांड पर बोला हमला

 


भाजपा का केरल सरकार पर बड़ा हमला।(फोटो: दैनिक जागरण)

भाजपा ने कहा- बदले की राजनीति कर रही केरल की एलडीएफ सरकार। भाजपा ने कहा कि त्रिशूर जिले में हुए हाईवे डकैती कांड में केरल की माकपा नीत वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) सरकार बदले की राजनीति कर रही है। इस पर बयान भी जारी किया है।

कोच्चि, प्रेट्र। भाजपा ने रविवार को कहा कि त्रिशूर जिले में हुए हाईवे डकैती कांड में केरल की माकपा नीत वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) सरकार बदले की राजनीति कर रही है।कोच्चि में प्रदेश कोर कमेटी की बैठक से पहले पार्टी नेताओं ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि कोडकारा डकैती वाम दलों से जुड़ी है। पुलिस माकपा के इशारे पर राजनीतिक अभियान चलाकर भाजपा नेताओं को फंसाने का प्रयास कर रही है। प्रदेश अध्यक्ष के. सुरेंद्रन का पुरजोर समर्थन करते हुए पार्टी नेताओं ने कहा कि एलडीएफ सरकार उन्हें निशाना बना रही है। उन्होंने कोच्चि पुलिस के उस कदम की भी निंदा की, जिसमें उन्हें कोर कमेटी की बैठक एक होटल के बजाय जिला समिति कार्यालय में करने के लिए मजबूर किया गया।

बता दें कि शामजीर शमसुद्दीन ने सात अप्रैल को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि जब वह कोच्चि से कोझिकोड जा रहा था तो कोडकारा फ्लाईओवर के पास कार को रोककर बदमाशों ने उसमें रखे 25 लाख रुपये लूट लिए थे। पुलिस का दावा है कि बदमाशों ने 3.5 करोड़ रुपये लूटे थे। वाम दलों का आरोप है कि भाजपा उस पैसे का विधानसभा चुनाव में इस्तेमाल करने वाली थी।

अन्नाद्रमुक नीट पर द्रमुक के साथ, पीएम से की परीक्षा खत्म करने की मांग

अन्नाद्रमुक के शीर्ष नेता ओ. पन्नीरसेल्वम ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) और सभी पेशेवर व अन्य पाठ्यक्रमों के लिए इसी तरह की परीक्षाएं पूरी तरह खत्म करने की मांग की। एक दिन पहले तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने भी प्रधानमंत्री से नीट जैसी सभी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाएं रद करने का अनुरोध किया था। स्टालिन का कहना था कि राज्य में एमबीबीएस समेत सभी पेशेवर सीटों को 12वीं के अंकों के आधार पर भरने की अनुमति राज्य सरकार को दी जाए। बता दें कि 2016 में अपनी मृत्यु तक अन्नाद्रमुक की तत्कालीन प्रमुख जे. जयललिता ने भी नीट का विरोध किया था। 2017 में इसके लिए विधानसभा में दो विधेयक भी पारित किए गए थे।