सियासी उठापठक के चलते गाजियाबाद जिपं अध्यक्ष चुनाव में बसपा बैकफुट पर, विपक्षी फायदा उठाने में जुटे

 


उठापठक के चलते जिपं अध्यक्ष चुनाव में बसपाई बैकफुट पर

गाजियाबाद में जिला पंचायत सदस्य की 14 में से पांच सीट जीतने वाली बसपा अभी तक अपना उम्मीदवार भी घोषित नहीं कर पाई है जबकि नामांकन के लिए सिर्फ आठ दिन बचे हैं। बसपा जिलाध्यक्ष वीरेंद्र जाटव ने कहा कि जिपं अध्यक्ष प्रत्याशी की घोषणा जल्द ही की जाएगी।

गाजियाबाद । बसपा में प्रदेश स्तर पर चल रही सियासी उठापठक के बीच राजनीतिक जानकार कह रहे हैं कि जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव पर इसका पूरा असर दिखेगा। बता दें कि जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव का बिगुल चुका है। सभी दल जोर शोर से की तैयारी में लग गए हैं। बैठकों का दौर और जिपं अध्यक्ष बनाने के लिए जरूरी आठ वोट के लिए जोड़-तोड़ शुरू हो चुका है। मगर जिला पंचायत सदस्य के चुनाव में सबसे ज्यादा पांच सीट पाने वाली बसपा साइलेंट मोड में है। चर्चा है कि पार्टी में जारी गतिरोध के चलते बसपाई बैकफुट पर हैं। पार्टी कार्यालय भी अक्सर सूना पड़ा रहता है।

बाकी दल फायदा उठाने में जुटे

बसपा के 11 विधायकों के बागी होने और अपना दल बनाने या सपा में जाने को लेकर कई दिन से गतिरोध चल रहा है। बसपा सुप्रीमो मायावती इन विधायकों को पहले ही पार्टी से निलंबित करने की बात कही थी, लेकिन जिपं अध्यक्ष चुनाव के लिहाज से देखें तो बसपा पर इसका खासा असर हुआ है। बसपाई पूरी तरह से शांत हैं। वहीं चुनाव के मद्देनजर अन्य दल बसपा में चल रही उठापठक का फायदा उठाने में जुट गए हैं।

उम्मीदवार को लेकर चुप्पी

गाजियाबाद में जिला पंचायत सदस्य की 14 में से पांच सीट जीतने वाली बसपा अभी तक अपना उम्मीदवार भी घोषित नहीं कर पाई है, जबकि नामांकन के लिए सिर्फ आठ दिन बचे हैं। वहीं दो सीट जीतने वाली भाजपा ने ममता त्यागी और सपा-रालोद ने नसीम बेगम को जिपं अध्यक्ष पद के लिए प्रत्याशी घोषित किया है। रालोद-सपा के पास छह सीट है। बसपा में चल रहे गतिरोध के चलते ही पार्टी के पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रभारी शमशुद्दीन राइन लखनऊ में डेरा डाले हुए हैं। जिपं अध्यक्ष उम्मीदवार के बारे में पूछने पर बसपा जिलाध्यक्ष विरेंद्र जाटव बताते हैं कि शमशुद्दीन राइन ही जिला पंचायत अध्यक्ष का प्रत्याशी घोषित करेंगे।बसपा जिलाध्यक्ष वीरेंद्र जाटव ने कहा कि जिपं अध्यक्ष प्रत्याशी की घोषणा जल्द ही की जाएगी। बसपा पर जनता ने भरोसा दिखाया है और जिपं अध्यक्ष चुनाव में जीत दर्ज कर बसपा इस भरोसे को कायम रखेगी।