हाईकोर्ट का निर्देश ड्रग तस्कर को चिकित्सा के आधार पर नहीं मिलेगी जमानत, जेल के अंदर करें इलाज

 


चिकित्सकीय आधार पर जमानत देने की मांग हाई कोर्ट ने की खारिज।

ड्रग तस्करी के मामले में जुलाई 2019 में गिरफ्तार किए गए अफगानी ड्रग तस्कर मोहम्मद अकबर की जमानत याचिका दिल्ली हाई कोर्ट ने खारिज कर दी। न्यायमूर्ति सुरेश कुमार कैत की पीठ ने कहा कि आरोपित ने चिकित्सकीय आधार पर जमानत की मांग की है।

नई दिल्ली,संवाददाता। ड्रग तस्करी के मामले में जुलाई 2019 में गिरफ्तार किए गए अफगानी ड्रग तस्कर मोहम्मद अकबर की जमानत याचिका दिल्ली हाई कोर्ट ने खारिज कर दी। न्यायमूर्ति सुरेश कुमार कैत की पीठ ने कहा कि आरोपित ने चिकित्सकीय आधार पर जमानत की मांग की है, लेकिन इससे जुड़ा कोई भी दस्तावेज नहीं पेश किया है। हालांकि, पीठ ने जेल प्रशासन को निर्देश दिया कि अगर आरोपित को तत्काल इलाज या सर्जरी मामले उपलब्ध कराने की जरूरत है और जेल अस्पताल में सुविधा नहीं है तो सरकारी अस्पताल में हिरासत में इलाज कराया जाये। मोहम्मद अकबर ने याचिका दायर कर कहा कि उसे यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन और उसे जल्द ही सर्जरी कराना है।

अकबर की तरफ से पेश हुए अधिवक्ता ने कहा कि निचली अदालत ने जमानत याचिका खारिज करते समय चिकित्सकीय स्थिति को नहीं देखा। वहीं, अभियोजन पक्ष ने जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा कि आरोपित को 329.55 ग्राम मात्रा के ड्रग के साथ गिरफ्तार किया गया था और वह ड्रग तस्करी के बड़े गिरोह का सदस्य है। इतना ही नहीं आरोपित के साथ गिरफ्तार किए गए अहमद शाह अलोकोजी व नेदा मोहम्मद को जमानत पर रिहा किया गया था और वे फरार हैं। अदालत द्वारा उन्हें भगोड़ा घोषित किया गया है।

अभियोजन पक्ष ने कहा कि आरोपित अकबर अफगान का है और अगर उसे जमानत पर रिहा किया गया तो वह भी मुकदमे से भाग सकता है। याचिका के अनुसार स्पेशल सेल ने खुफिया जानकारी जुलाई 2019 में ड्रग तस्कर दीपक समेत अन्य आरोपितों को मजनू का टीला से गिरफ्तार किया था। दीपक की निशानदेही पर मोहम्मद अकबर व नेदा मोहम्मद को हरियाणा के सोनीपत स्थित जेएम कूल हाउस कोंडली से गिरफ्तार किया गया था। दोनों ने बताया कि वे अफगान से अटारी बार्डर के रास्ते से भारत में ड्राई-फूड के कार्टन में ड्रग की तस्करी करते थे।