कर्नाटक पहुंचा मानसून, सुबह-सुबह हुई बारिश वहीं उत्तर भारत को गर्मी से मिलेगी राहत

 


पश्चिमी विक्षोभ के चलते दिल्ली-NCR में बदला मौसम, आज भी उत्तर भारत को मिलेगी गर्मी से राहत

एक तरफ दक्षिण में मानसून पहुंच गया है वहीं दूसरी तरफ पश्चिमी विक्षोभ के चलते दिल्ली-NCR में बीते दिन आंधी-हल्की बारिश दर्ज हुई है जिससे दिल्लीवासियों को गर्मी से राहत मिली। वहीं आज भी दिल्ली में हल्की बारिश के आसार जताए गए हैं। जानें अपने शहर का मौसम।

नई दिल्ली,  तेजी से देश का मौसम बदल रहा है। एक तरफ दक्षिण में मानसून पहुंच चुका है। वहीं पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के कारण बीते दिन दिल्ली-एनसीआर का मौसम सुहाना हो गया है। कई इलाकों में तेज आंधी और हल्की से मध्यम बारिश भी दर्ज की गई है। भंयकर गर्मी से जूझ रहे दिल्लीवासियों को कुछ राहत जरूर मिली। आज भी दिल्ली एनसीआर में आंशिक तौर पर बादल छाए रहने और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने के आसार बने हुए हैं। इसके साथ कई इलाकों में हल्की बारिश होने का भी अनुमान है।

पंजाब में छाए रहेंगे बादल तो उत्तराखंड में जारी बारिश

वहीं पंजाब में कुछ जगहों पर हल्के बादल होंगे तो कहीं ज्यादा। कुछ स्थानों पर बारिश होने का अनुमान भी जताया जा रहा है। उधर, उत्तराखंड के पर्वतीय अंचलों में अभी बारिश का क्रम जारी रहेगा। रिपोर्ट के मुताबिक, मैदानी इलाकों में अंधड़ के साथ बारिश के आसार हैं। राज्य के सभी जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है। इसके इतर, दक्षिण में मानसून पहुंच गया है, जिसके चलते तमिलनाडु, कर्नाटक सहित कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट भी जारी किया गया है।उधर, यूपी का मौसम भी लगातार बदल रहा है। कई जिलों में बीती शाम तक मौसम एकाएक बदल गया। बारिश और तेज हवाएं चलने लगीं। 

आज तमिलनाडु-कर्नाटक में बारिश का अलर्ट

दक्षिण-पश्चिम मानसून आगे बढ़ता हुआ शुक्रवार को दक्षिण अरब सागर, मध्य अरब सागर के कुछ हिस्सों, लक्षद्वीप के शेष हिस्सों, केरल और तटीय कनार्टक के अधिकतर हिस्सों और दक्षिण आंतरिक कनार्टक में पहुंच गया। भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक,  मानसून उत्तर आंतरिक कनार्टक के कुछ हिस्सों और आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु के अधिकतर हिस्सों, दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के शेष हिस्सों, तथा पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों तक पहुंच गया है।

जानें मानसून की ताजा स्थिति

दक्षिण-पश्चिम मानसून अगले 2-3 दिनों में मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, गोवा, कनार्टक के शेष भाग, आंध्र प्रदेश के अधिकतर हिस्सों, तेलंगाना, तमिलनाडु के शेष हिस्सों, बंगाल की खाड़ी के मध्य भाग के अधिकतर हिस्सों, बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पूर्व हिस्से के कुछ भागों में पहुंच जाएगा।