डेल्‍टा वैरिएंट ने बढ़ाई ब्रिटेन और जर्मनी की चिंता, इजरायल भी सतर्क, कहा- इंडोर में लगाएं मास्‍क


जर्मनी में डेल्‍टा वैरिएंट के मामले बढ़ रहे हैं।

ब्रिटेन में लगातार कोरोना संक्रमण के नए मामले सामने आ रहे हैं। इनमें से 90 फीसद से अधिक मामलों में डेल्‍टा वैरिएंट सामने आया है। इसी तरह से जर्मनी में भी इसका खतरा बढ़ता दिखाई दे रहा है।

लंदन/ बर्लिन (रॉयटर्स)। डेल्‍टा वायरस धीरे-धीरे विश्‍व के कई देशों में अपने पांव जमाता दिखाई दे रहा है। ब्रिटेन के अलावा जर्मनी भी इस वैरिएंट से खासा चिंतित है। ब्रिटेन में इसी सप्‍ताह में केवल डेल्‍टा वैरिएंट के 35204 मामले सामने आ चुके हैं। ब्रिटेन के पब्लिक हेल्‍थ डिपार्टमेंट की तरफ से कहा गया है कि इसकी वजह से यहां पर इसके मामले बढ़कर 111157 तक पहुंच गए हैं। हेल्‍थ डिपार्टमेंट ने कहा है कि देश में सामने आने वाले 90 फीसद से अधिक मामलों में डेल्‍टा वैरिएंट सामने आ रहा है।

ब्रिटेन के पब्लिक हेल्‍थ की तरफ से ये भी कहा गया है कि जो वैक्‍सीन देश में दी जा रही है वो इस पर असरदार साबित हो रही है और इसकी वजह से लोगों के अस्‍पताल जाने का खतरा भी कम हो रहा है। ये इस वैरिएंट के प्रति इम्‍यून सिस्‍टम को मजबूत कर रही है। हेल्‍थ डिपार्टमेंट की तरफ से कहा गया है कि देश में एक नए वैरिएंट लांब्‍डा के भी छह मामले सामने आए हैं। ये मामले 23 फरवरी से 7 जून के बीच आए हैं। इनमें से पांच लोगों ने विदेश यात्रा की थी।

ब्रिटेन के अ लावा यदि जर्मनी की बात करें तो डेल्‍टा वैरिएंट यहां पर काफी अधिक प्रभावी होता दिखाई दे रहा है। जर्मनी के स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री जेंस स्‍फान ने आशंका जताई है कि गर्मियों इसमें और तेजी आ सकती है। फिलहाल देश में जितने कुल मामले सामने आ रहे हैं उनमें से 15 फीसद मामलों में डेल्‍टा वैरिएंट के होने की बात सामने आई है। उन्‍होंने ये भी कहा है कि इस वैरिएंट का फैलाव इस बात पर भी निर्भर करता है कि कितने लोगों ने वैक्‍सीन की खुराक ली हैं। जर्मनी के पब्लिक हेल्‍थ ऑफिसर का कहना है कि डेल्‍टा वैरिएंट उन लोगों में तेजी से फैल रहा है जिन्‍होंने वैकसीन नहीं ली है।

इजरायल ने भी डेल्‍टा वैरिएंट को देखते हुए अपने नागरिकों को मास्‍क लगाने की नसीहत दे डाली है। इजरायल के दो स्‍कूलों में इसके मामले सामने आने के बाद एक बार‍ फिर से प्रतिबंधों को लगाया गया है। आपको बता दें कि इजरायल दुनिया का पहला ऐसा देश है जिसने सबसे पहले मास्‍क को गुड बॉय कह दिया था। सरकार की तरफ से अपील की गई है कि सभी पेरेंट्स अपने 12-15 वर्ष के बच्‍चों को वैक्‍सीन दिलवाएं। सरकार की तरफ से साफ कर दिया गया है कि घर को छोड़कर अन्‍य जगहों पर चाहरदिवारी में मास्‍क लगाना अनिवार्य है।