मंडोली जेल में गैंगवार का शिकार हो सकता सुशील, इसलिए जेल प्रशासन ने किया अब ये फेरबदल

 


मंडोली जेल संख्या 15 से स्थानांतरित कर लारेंस को लाया गया तिहाड़ जेल संख्या एक।

कुख्यात बदमाश काला जठेड़ी से लारेंस बिश्नोई की नजदीकी को देखते हुए जेल प्रशासन ने लारेंस बिश्नोई के ठिकाने को बदल दिया है। अब जेल में लारेंस का नया ठिकाना तिहाड़ है। रविवार को इसे मंडोली जेल से स्थानांतरित कर तिहाड़ जेल परिसर लाया गया।

नई दिल्ली,  संवाददाता। कुख्यात बदमाश काला जठेड़ी से लारेंस बिश्नोई की नजदीकी को देखते हुए जेल प्रशासन ने लारेंस बिश्नोई के ठिकाने को बदल दिया है। अब जेल में लारेंस का नया ठिकाना तिहाड़ है। रविवार को इसे मंडोली जेल से स्थानांतरित कर तिहाड़ जेल परिसर लाया गया। तिहाड़ जेल संख्या एक के हाई सिक्याेरिटी वार्ड में इसे रखा गया है।

जेल अधिकारी औपचारिक तौर पर इसे रूटीन स्थानांतरण बता रहे हैं लेकिन सूत्रों का कहना है कि सुशील व काला जठेड़ी के बीच दुश्मनी को देखते हुए ऐसा किया गया है। बता दें कि अभी तक लारेंस मंडोली की उसी जेल में बंद था जिसमें सुशील को रखा गया है।

जेल सूत्रों का कहना है कि पुलिस अधिकारियों ने जेल प्रशासन को बताया कि सागर धनखड़ हत्या मामले के बाद सुशील व काला जठेड़ी गिरोह के बीच अनबन की स्थिति है। काला जठेड़ी गिरोह के बदमाश बदला लेने की ताक में है। संभावना जताई जा रही थी कि काला जठेड़ी गिरोह को लारेंस बिश्नोई के जरिए सुशील के बारे में जानकारी मिल जाए और उसके गुर्गे सुशील को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करें।

हालांकि जेल में सुशील की सुरक्षा को देखते हुए ऐसा करना संभव नहीं है, लेकिन जेल प्रशासन ऐसी किसी संभावना की जड़ को ही खत्म करना चाहता था। इसे देखते हुए ही लारेंस को तिहाड़ में स्थानांतरित किया गया है। जेल सूत्रों का कहना है कि संभव है कि मंडोली जेल परिसर में बंद सुशील के विरोधी खेमे के अन्य बदमाश भी वहां से रोहिणी या तिहाड़ जेल में स्थानांतरित कर दिए जाएं।

सुरक्षा काे लेकर पूरी तरह सतर्कता

दिल्ली के ऐसे सभी जेल जहां कुख्यात बदमाश बंद है वहां की निगरानी के स्तर को फिलहाल बढ़ा दिया गया है। ऐसे सभी बदमाशों पर तीसरी आंख के पहरे के साथ ही सुरक्षा बलों व जेल कर्मियों की भी नजर है। जेलकर्मियों को इनके पास तभी जाने दिया जाता है जब इसकी पूर्व सूचना अधिकारियों को हो।

ऐसे सभी जेलों में अब जेलकर्मियों को भी सुरक्षा जांच की पूरी प्रक्रिया के बारे में प्रवेश की अनुमति दी जा रही है। इसके अलावा जेल के सभी वार्ड में समय समय तलाशी अभियान भी चलाया जा रहा है। जेल में कैदियों के बीच सूचना तंत्र को भी प्रशासन मजबूत कर रहा है ताकि अंदर की गतिविधियों की जानकारी मिलती रहे और वक्त रहते किसी भी अनहोनी काे टाला जा सके।