दिल्ली दंगा: DCP बताएं कितने आरोपित निजी मुचलके पर जमानत के बाद हुए फरार: कोर्ट


पुलिस उपायुक्त बताएं कितने आरोपित निजी मुचलके पर जमानत के बाद हुए फरार-कोर्ट

उत्तर पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त से पूछा कि दंगे के मामले में निजी मुचलके पर जमानत पर बाहर आए कितने आरोपित फरार हो गए हैं। निर्देश दिया है कि ऐसे आरोपितों का विवरण अगली सुनवाई पर कोर्ट के समक्ष पेश किया जाए।

नई दिल्ली । कड़कड़डूमा कोर्ट ने उत्तर पूर्वी जिले के पुलिस उपायुक्त से पूछा है कि दिल्ली दंगे के मामलों में निजी मुचलके पर जमानत मिलने के बाद कितने आरोपित फरार हो गए। दंगे के दौरान खजूरी खास इलाके में आटो चालक की हत्या के मामले में एक आरोपित की अर्जी पर सुनवाई करते हुए अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश विनोद यादव के कोर्ट ने 28 जून तक उपायुक्त से रिपोर्ट मांगी है।

गत वर्ष 25 फरवरी में खजूरी चौक के पास आटो चालक बब्बू की पीट-पीट कर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में आरोपित शाहबुद्दीन कोर्ट से हाल में जमानत मिल गई थी। जमानती की व्यवस्था न हो पाने के कारण आरोपित ने वकील के माध्यम से अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश विनोद यादव के कोर्ट में अर्जी दायर कर निजी मुचलके पर छोड़ने की मांग की थी। इस अर्जी का विरोध करते हुए अभियोजन पक्ष ने दलील दी कि आरोपित को किसी तरह की रियायत नहीं दी जानी चाहिए। उस पर दंगा करने और एक व्यक्ति की हत्या करने का आरोप है। साथ ही कहा कि दंगे के कई मामलों में देखा गया है कि आरोपित निजी मुचलके पर जमानत मिलने के बाद फरार हो गए। उन्होंने अपना स्थायी पता भी नहीं बताया। अब उनको पकड़ना मुश्किल हो रहा है।

इस पर कोर्ट ने उत्तर पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त से पूछा कि दंगे के मामले में निजी मुचलके पर जमानत पर बाहर आए कितने आरोपित फरार हो गए हैं। निर्देश दिया है कि ऐसे आरोपितों का विवरण अगली सुनवाई पर कोर्ट के समक्ष पेश किया जाए।