FacebooktwitterwpEmailaffiliates अमेरिका की फाइजर की कोरोना वैक्सीन।(फोटो: दैनिक जागरण) Publish Date:Fri, 11 Jun 2021 02:05 PM (IST)Author: Shashank Pandey अमेरिका की फाइजर की कोरोना वैक्सीन को लेकर एक अच्छी खबर आई है। एक स्टडी के मुताबिक फाइजर की वैक्सीन कोरोना के बीटा और गामा वैरिएंट के खिलाफ सुरक्षित और असरदार है। ये कोरोना के इन वैरिएंट के असर को कम कर सकती है। न्यूयॉर्क, आइएएनएस। कोरोना महामारी की दूसरी लहर में दुनियाभर में कोरोना के अलग-अलग वैरिएंट या रूप चिंता का विषय बने हुए हैं। इसके खिलाफ अलग-अलग वैक्सीन का प्रभाव अलग-अलग है। इस बीच फाइजर की कोरोना वैक्सीन को लेकर एक अच्छी खबर सामने आई है। एक स्टडी के मुताबिक फाइजर की वैक्सीन, कोरोना के बीटा और गामा वैरिएंट के खिलाफ सुरक्षित और प्रभावी है। एक अध्ययन के अनुसार, कोविड-19 के खिलाफ अमेरिकी फार्मास्युटिकल फाइजर का टीका कोरोना वायरस के बीटा, गामा वैरिएंट को प्रभावी ढंग से बेअसर कर सकता है। न्यूयॉर्क विश्वविद्यालय, अमेरिका के शोधकर्ताओं के नेतृत्व में किए गए अध्ययन से पता चला है कि फाइजर बीएनटी 162 बी 2 टीकाकरण ने पहले के वायरस के अधिकांश प्रकारों(वैरिएंट) के खिलाफ अच्छा काम किया लेकिन वैक्सीन ने दक्षिण अफ्रीकी वैरिएंट और ब्राजीली वैरिएंट को 3 गुना कम कर दिया। अध्ययन में बताया गया है कि परिणामों की हमारी व्याख्या ये है कि वैक्सीन एंटीबॉडी बहुत शक्तिशाली हैं और यहां तक ​​​​कि अगर आप इसे 3 गुना तक खो देते हैं, तब भी वायरस को बेअसर करने के लिए वहां बहुत सारे एंटीबॉडी हैं। नथानिएल नेड लैंडौ ने जो न्यूयॉर्क शहर में एनवाईयू ग्रॉसमैन स्कूल ऑफ मेडिसिन में माइक्रोबायोलॉजी विभाग में प्रोफेसर है उन्होंने कहा कि हमारा मानना ​​​​है कि इस शोध के निष्कर्ष बताते हैं कि वैक्सीन हमारे द्वारा टेस्ट किए गए वेरिएंट के खिलाफ सुरक्षित रहेंगे। Ads by Jagran.TV 50 करोड़ फाइजर वैक्सीन दान करेगा अमेरिका अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन 50 करोड़ फाइजर वैक्सीन को खरीद कर अन्य देशों को दान करेंगे। इस बात का खुलासा अमेरिकी मीडिया ने किया है। माना जा रहा है कि बाइडन ये कदम उस समय उठा रहे हैं जब दुनिया के कई देशों में वैक्सीन की कमी चल रही है, जिससे गरीब देशों को मदद मिल सके। कोरोना वायरस के खिलाफ अमेरिका ने अपनी पूरी आबादी के आधे से ज्यादा प्रतिशत लोगों को वैक्सीन की दोनों डोज लगवा दी हैं, जिसके बाद से वहां कोरोना के केस काफी कम हो चुके हैं।

 

अमेरिका की फाइजर की कोरोना वैक्सीन।(फोटो: दैनिक जागरण)

अमेरिका की फाइजर की कोरोना वैक्सीन को लेकर एक अच्छी खबर आई है। एक स्टडी के मुताबिक फाइजर की वैक्सीन कोरोना के बीटा और गामा वैरिएंट के खिलाफ सुरक्षित और असरदार है। ये कोरोना के इन वैरिएंट के असर को कम कर सकती है।

न्यूयॉर्क, आइएएनएस। कोरोना महामारी की दूसरी लहर में दुनियाभर में कोरोना के अलग-अलग वैरिएंट या रूप चिंता का विषय बने हुए हैं। इसके खिलाफ अलग-अलग वैक्सीन का प्रभाव अलग-अलग है। इस बीच फाइजर की कोरोना वैक्सीन को लेकर एक अच्छी खबर सामने आई है। एक स्टडी के मुताबिक फाइजर की वैक्सीन, कोरोना के बीटा और गामा वैरिएंट के खिलाफ सुरक्षित और प्रभावी है। एक अध्ययन के अनुसार, कोविड-19 के खिलाफ अमेरिकी फार्मास्युटिकल फाइजर का टीका कोरोना वायरस के बीटा, गामा वैरिएंट को प्रभावी ढंग से बेअसर कर सकता है।

न्यूयॉर्क विश्वविद्यालय, अमेरिका के शोधकर्ताओं के नेतृत्व में किए गए अध्ययन से पता चला है कि फाइजर बीएनटी 162 बी 2 टीकाकरण ने पहले के वायरस के अधिकांश प्रकारों(वैरिएंट) के खिलाफ अच्छा काम किया लेकिन वैक्सीन ने दक्षिण अफ्रीकी वैरिएंट और ब्राजीली वैरिएंट को 3 गुना कम कर दिया।

अध्ययन में बताया गया है कि परिणामों की हमारी व्याख्या ये है कि वैक्सीन एंटीबॉडी बहुत शक्तिशाली हैं और यहां तक ​​​​कि अगर आप इसे 3 गुना तक खो देते हैं, तब भी वायरस को बेअसर करने के लिए वहां बहुत सारे एंटीबॉडी हैं। नथानिएल नेड लैंडौ ने जो न्यूयॉर्क शहर में एनवाईयू ग्रॉसमैन स्कूल ऑफ मेडिसिन में माइक्रोबायोलॉजी विभाग में प्रोफेसर है उन्होंने कहा कि हमारा मानना ​​​​है कि इस शोध के निष्कर्ष बताते हैं कि वैक्सीन हमारे द्वारा टेस्ट किए गए वेरिएंट के खिलाफ सुरक्षित रहेंगे।

50 करोड़ फाइजर वैक्सीन दान करेगा अमेरिका

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन 50 करोड़ फाइजर वैक्सीन को खरीद कर अन्य देशों को दान करेंगे। इस बात का खुलासा अमेरिकी मीडिया ने किया है। माना जा रहा है कि बाइडन ये कदम उस समय उठा रहे हैं जब दुनिया के कई देशों में वैक्सीन की कमी चल रही है, जिससे गरीब देशों को मदद मिल सके। कोरोना वायरस के खिलाफ अमेरिका ने अपनी पूरी आबादी के आधे से ज्यादा प्रतिशत लोगों को वैक्सीन की दोनों डोज लगवा दी हैं, जिसके बाद से वहां कोरोना के केस काफी कम हो चुके हैं।