पाकिस्तान के कदमों से खुश नहीं FATF, आतंकी फंडिंग मामले में निगरानी में ही रहेगा

 


पाकिस्तान की तीसरी प्रगति रिपोर्ट का मूल्यांकन किया जाना बाकी है।

पाकिस्तान के कदमों से नाखुश फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स की क्षेत्रीय संस्था एशिया पैसिफिक ग्रुप ने देश को निगरानी सूची मे बरकरार रखा है। जून 2018 में पेरिस स्थित एफएटीएफ द्वारा पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में डाल दिया गया था।

इस्लामाबाद, पीटीआइ। आतंकी फंडिंग मामले में पाकिस्तान की मुश्किलें खत्म होने का नाम नहीं ले रही। इस्लामाबाद के कदमों से नाखुश फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) की क्षेत्रीय संस्था एशिया पैसिफिक ग्रुप ने पाकिस्तान को निगरानी सूची में बरकरार रखा है। आतंकवाद को बढ़ावा देने को लेकर पाकिस्तान को वैश्विक संस्था एफएटीएफ की ग्रे लिस्ट में रखा गया है।

जून 2018 में पेरिस स्थित एफएटीएफ द्वारा पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में डाल दिया गया था। इसके बाद से ही पाकिस्तान इससे बाहर आने के लिए लगातार हाथ पैर मार रहा है। एशिया पैसिफिक ग्रुप (APG) फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) का एक क्षेत्रीय सहयोगी है। एपीजी द्वारा जारी पाकिस्तान के कदमों पर दूसरी रिपोर्ट में भी देश मानदंडो पर खरा नहीं उतरा।

डॉन अखबार ने बताया कि पाकिस्तान अब तक एफएटीएफ की सात सिफारिशों को पूरी कर चुका है और 24 अन्य सिफारिशों का काफी हद तक अनुपालन कर रहा है। कुल मिलाकर पाकिस्तान अब 40 सिफारिशों में से 31 का अनुपालन कर रहा है। 1 अक्टूबर, 2020 को पाकिस्तान ने अपनी रिपोर्ट सौंपी थी, जिसका मूल्यांकन किया गया है। पाकिस्तान ने फरवरी 2021 में अपनी तीसरी प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की थी, जिसका मूल्यांकन किया जाना बाकी है।