घंटों छेड़ाछाड़ का शिकार हुई महिला, न मदद मिली न हुई FIR; त्रस्त हो अब नहीं चाहती कार्रवाई

 


मदद ना मिलने पर सिस्टम के खिलाफ जाहिर की नाराजगी

यह महिला राजधानी एक्सप्रेस से नई दिल्ली से मुंबई जा रही थी। महिला ने टीटीई समेत कुछ अन्य लोगों पर उसके साथ छेड़छाड़ का आरोप लगाया है। उसके मुताबिक ट्रेन रविवार रात 12.40 बजे भोपाल स्टेशन पहुंची थी।

भोपाल। छेड़छाड़ के मामले में एक महिला ने तीन बदमाशों को सजा दिलाने के लिए कई बार प्रयास किए, लेकिन बार-बार विफल होने के बाद उसने एफआइआर नहीं करने का फैसला किया है। सोमवार सुबह उसने कहा कि वह सिस्टम से त्रस्त हो गई है और अब एफआइआर नहीं करवाना चाहती है। मालूम हो कि ट्रेन में छेड़छाड़ का शिकार होने के बाद महिला ने झांसी से भोपाल तक तीन-तीन बदमाशों से मुकाबला किया। उन्हें सजा दिलाने के लिए पीड़िता ने रेलवे के अधिकारियों से गुहार भी लगाई। इतना ही नहीं आधी रात को ढाई घंटे भोपाल जीआरपी थाने में एफआइआर दर्ज कराने के लिए चक्कर काटे। इतने प्रयासों के बाद भी जब किसी ने उसकी नहीं सुनी तो उसने रेल मंत्री पीयूष गोयल, डीआरएम भोपाल व अन्य को ट्विटर पर शिकायत की। लेकिन अब महिला ने एफआइआर दर्ज कराने से इनकार कर दिया है। उसका कहना है कि वह सिस्टम से त्रस्त हो गई है।

यह महिला राजधानी एक्सप्रेस से नई दिल्ली से मुंबई जा रही थी। महिला ने टीटीई समेत कुछ अन्य लोगों पर उसके साथ छेड़छाड़ का आरोप लगाया है। उसके मुताबिक, ट्रेन रविवार रात 12.40 बजे भोपाल स्टेशन पहुंची थी। महिला ने झांसी के बाद ही उसके साथ छेड़छाड़ करने की शिकायत की थी। सूचना पर जीआरपी के जवान कोच में पहुंचे थे, लेकिन छेड़छाड़ करने वाला टीटीई व अन्य लोग छुप गए। महिला ने ट्रेन रोककर तलाशी की मांग भी की थी, लेकिन ठहराव समय से अधिक समय तक ट्रेन नहीं रोकी गई और तब तक बदमाश नहीं मिले थे।

महिला ने एफआइआर दर्ज नहीं करने की वजह से सिस्टम पर नाराजगी जताई है। महिला के परिजनों ने बताया कि रविवार रात में जब एफआइआर दर्ज करने की गुहार लगाई तो कुछ अधिकारी व जवान बदनामी का डर दिखाने लगे। उन्होंने कहा कि सोच लो... एफआइआर दर्ज कराई तो गवाही देने के लिए कोर्ट के चक्कर लगाने पड़ेंगे। समाज में बदनामी अलग होगी। यह बात महिला के परिचित ने ट्विटर पर रेलमंत्री और डीआरएम को बताई है। जीआरपी के जवानों का जिक्र भी किया है। परिजनों ने यह भी बताया कि महिला से जीआरपी के जवान यह भी लिखवाना चाहते थे कि वो कोई कार्रवाई नहीं करवाना चाहती।

सोमवार सुबह महिला के एक परिजन ने बताया कि वह त्रस्त हो गई है, सदमे में है। अब शिकायत नहीं करवाना चाहती। रविवार रात में उसे सही बात कहने पर डराया-धमकाया गया। कार्रवाई नहीं की गई। आरोपितों को पकड़ने की बजाय कार्रवाई करने वालों का जोर महिला को समझाने में रहा। जीआरपी भोपाल के एसआरपी हितेश चौधरी ने बताया, 'महिला के साथ रात में छेड़छाड़ की जानकारी मिली थी। महिला से संपर्क कर रहे हैं। यदि वह चाहेगी तो एफआइआर दर्ज करेंगे। छेड़छाड़ करने वालों को नहीं छोड़ा जाएगा। रात में महिला को क्यों नहीं सुना गया, इसकी जांच करवाएंगे।'