दिग्विजय सिंह की याचिका पर सुनवाई, HC ने मांगा मप्र में सांप्रदायिक हिंसा मामले में कार्रवाई का ब्योरा

 


पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की याचिका पर सुनवाई

पूर्व अतिरिक्त महाधिवक्ता रविंद्र सिंह छाबड़ा के माध्यम से पेश याचिका में कहा गया है कि याचिकाकर्ता राम मंदिर के निर्माण का विरोध नहीं कर रहे हैं लेकिन जबरन चंदा वसूली पर रोक लगाई जानी चाहिए। इस संबंध में जारी नोटिस पर सरकार को छह सप्ताह में जवाब देना है।

इंदौर, जेएनएन। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने राम मंदिर के लिए धन संग्रह के उद्देश्य से निकाली गई रैलियों में हुई सांप्रदायिक हिंसा में जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई का ब्योरा मांगा है। ऐसी हिंसा में नुकसान के कारण मुआवजे के तौर पर दी गई राहत का विवरण देने को भी कहा है। इस संबंध में एक याचिका पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने दायर की है। सोमवार को चीफ जस्टिस मोहम्मद रफीक और जस्टिस सुजय पॉल की युगल पीठ के समक्ष सुनवाई के बाद शासन को नोटिस जारी किया गया है।

पूर्व अतिरिक्त महाधिवक्ता रविंद्र सिंह छाबड़ा के माध्यम से पेश याचिका में कहा गया है कि याचिकाकर्ता राम मंदिर के निर्माण का विरोध नहीं कर रहे हैं लेकिन जबरन चंदा वसूली पर रोक लगाई जानी चाहिए। राम मंदिर निर्माण के लिए धन संग्रह के उद्देश्य से निकाली गई रैलियों में इंदौर, उज्जैन, धार, मंदसौर जिलों में कई स्थानों पर सांप्रदायिक हिंसा हुई थी। इसमें कई लोगों की संपत्ति का नुकसान हुआ लेकिन हिंसा के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस संबंध में जारी नोटिस पर सरकार को छह सप्ताह में जवाब देना है। अगली सुनवाई 20 जुलाई को होगी।