JPSC की 11 परीक्षाओं की चल रही सीबीआइ जांच, दो लेक्चरर हो चुके हैं गिरफ्तार


JPSC Exam Dispute, Jharkhand News पूर्व अध्यक्ष व सदस्यों सहित दर्जनों अभ्यर्थियों पर सीबीआइ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है।

पूर्व अध्यक्ष व सदस्यों सहित दर्जनों अभ्यर्थियों पर सीबीआइ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। समन के बावजूद कोर्ट में उपस्थित नहीं होने पर दो लेक्चरर भी गिरफ्तार हो चुके हैं। इसकी सुनवाई अभी जारी है।

रांची, राज्य ब्यूरो। झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की 11 परीक्षाओं की सीबीआइ जांच चल रही है। ये परीक्षाएं शुरू से ही विवादित रही हैं। परीक्षाओं में नंबर बढ़ाकर अयोग्य अभ्यर्थियों को योग्य बनाया गया, कॉपी में छेड़छाड़ की गई, सूची बनाने में भी गड़बड़ी की गई और अपने चहेते को नौकरी दी गई। कुछ परीक्षाओं की जांच में सीबीआइ ने भी आरोपों को सही पाते हुए तत्कालीन अध्यक्ष, सचिव व सदस्यों के विरुद्ध कार्रवाई की। झारखंड हाई कोर्ट के आदेश पर जेपीएससी की इन सभी 11 परीक्षाओं की सीबीआइ से जांच कराई जा रही है।

परीक्षाओं में अनियमितता को लेकर तत्कालीन अध्यक्ष और सदस्य के अलावा सचिव के विरुद्ध भी कार्रवाई हुई है। सीबीआइ ने तो व्याख्याता नियुक्ति में गड़बड़ी की चार्जशीट भी दाखिल की थी, जिसकी सुनवाई जारी है। अब छठी सिविल सेवा परीक्षा के परिणाम पर भी विवाद हो गया है। इस परीक्षा में बार-बार विवाद होने तथा राज्य सरकार के हस्तक्षेप के कारण इसकी प्रारंभिक परीक्षा में दो-दो बार संशोधन करना पड़ा था।

तीन बार इसके परिणाम जारी हुए थे। जब परिणाम जारी हो गया तो फिर विवाद सामने आ गया। दो परीक्षाओं में सीबीआइ ने आरोपों को सही पाते हुए चार्जशीट भी दाखिल की है। समन के बावजूद कोर्ट में उपस्थित नहीं होने पर पूर्व में रांची वीमेंस कॉलेज की लेक्चरर ममता केरकेट्टा, जीएलए कॉलेज डालटनगंज के लेक्चरर भीम राम को गिरफ्तार भी किया गया था।

इन परीक्षाओं की हो रही सीबीआइ जांच

- प्रथम सिविल सेवा परीक्षा

- द्वितीय सिविल सेवा परीक्षा

- सहायक और कनीय अभियंता परीक्षा

- विवि में डिप्टी रजिस्ट्रार नियुक्ति परीक्षा

- व्याख्याता नियुक्ति परीक्षा (चार्जशीट हो चुकी है, न्यायालय में मामला विचाराधीन)

- झारखंड पात्रता परीक्षा

- प्राथमिक शिक्षक नियुक्ति परीक्षा

- प्रथम सीमित सिविल सेवा नियुक्ति परीक्षा

- सहकारिता सेवा परीक्षा

- चिकित्सक नियुक्ति परीक्षा

- बाजार पर्यवेक्षक नियुक्ति परीक्षा आदि।

सीबीआइ अनुसंधान में भ्रष्टाचार की पुष्टि

जेपीएससी में आयोजित प्रथम एवं द्वितीय सिविल सेवा परीक्षा के अलावा व्याख्याता नियुक्ति में बड़ी संख्या में नेताओं और अधिकारियों के रिश्तेदार नियुक्त हुए। यहां तक कि जेपीएससी के तत्कालीन अध्यक्ष दिलीप प्रसाद, सदस्य गोपाल सिंह, राधा गोविंद नागेश, शांति देवी के भी कई रिश्तेदार इन परीक्षाओं में चयनित हुए थे। सीबीआइ के अनुसंधान में भी इसकी पुष्टि हो चुकी है।

व्याख्याता नियुक्ति घोटाले में दाखिल चार्जशीट में तत्कालीन अध्यक्ष दिलीप कुमार प्रसाद, सचिव सह परीक्षा नियंत्रक एलिस ऊषा रानी सिंह, सदस्य गोपाल प्रसाद सिंह, राधा गोविंद नागेश, शांति देवी के अलावा ऊषा रानी सिंह का कर्मचारी धीरज कुमार, ग्लोबल इंफार्मेटिक्स एजेंसी व 62 लेक्चरर आरोपित किए गए हैं। इनमें समन के बावजूद कोर्ट में उपस्थित नहीं होने वाले गिरफ्तार भी किए जा चुके हैं।