गाजियाबाद पुलिस ने ट्विटर इंडिया के MD को भेजा नोटिस, कहा- एक हफ्ते में दर्ज कराएं बयान


Ghaziabad Viral Video: गाजियाबाद पुलिस ने ट्विटर इंडिया के MD को भेजा नोटिस, कहा- एक हफ्ते में दर्ज कराएं बयान

 लोनी इलाके में बुजुर्ग अब्दुल समद के साथ हुई मारपीट के मामले में गाजियाबाद पुलिस ने ट्विटर इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर को कानूनी नोटिस भेजा है और 7 दिनों के दौरान पुलिस स्टेशन आकर बयान दर्ज कराने को कहा है।

नई दिल्ली/गाजियाबाद, ऑनलाइन डेस्क। दिल्ली से सटे गाजियाबाद जिले के लोनी इलाके में बुजुर्ग अब्दुल समद के साथ हुई मारपीट के मामले को जानबूझकर सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने के इरादे से इंटरनेट मीडिया पर भ्रामक व झूठी जानकारी के साथ प्रसारित किया गया। इस पर गाजियाबाद पुलिस ने सख्त रुख अपना लिया है।ताजा घटनाक्रम के मुताबिक, गाजियाबाद में बुजुर्ग की पिटाई और दाढ़ी काटने के मामले में ट्विटर पर कार्रवाई का दायरा बढ़ता ही जा रहा है। गाजियाबाद पुलिस ने ट्विटर इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर को कानूनी नोटिस भेजा है और 7 दिनों के दौरान पुलिस स्टेशन आकर बयान दर्ज कराने को कहा है। ट्विटर पर आरोप है कि बुजुर्ग की पिटाई का वीडियो वायरल होने से समाज में गलत संदेश गया और ट्विटर ने इसे लेकर कोई एक्शन नहीं लिया और इसे वायरल होने दिया।  

वहीं, इसी मामले में उप्र के बाद दिल्ली के तिलक मार्ग थाने में भी शिकायत दर्ज कराई गई है। अधिवक्ता अमित आचार्य ने ट्विटर इंडिया के प्रबंध निदेशक (एमडी) मनीष माहेश्वरी, वामपंथी कार्यकर्ता व अभिनेत्री स्वरा भास्कर, वेब पोर्टल ‘द वायर’ की एंकर व कथित मुस्लिम अधिकार कार्यकर्ता आरफा खानम शेरवानी व कांग्रेस के नेता आसिफ खान समेत कई अन्य के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। सभी के खिलाफ सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ने की कोशिश के आरोप में कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।

नई दिल्ली जिले के डीसीपी दीपक यादव का कहना है कि बुधवार को मिली शिकायत के आधार पर पुलिस की एक टीम ने जांच शुरू कर दी है। हालांकि, अभी कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है। शिकायत में कहा गया है कि लोनी में मुस्लिम बुजुर्ग के साथ उन्हीं के समुदाय के कुछ परिचित युवकों ने मारपीट की थी। इस घटना को कुछ लोगों ने जानबूझकर इंटरनेट मीडिया पर इस तरह से पेश किया, जिससे हिंदूू-मुस्लिम समुदायों के बीच सांप्रदायिक तनाव बढ़े। नफरत भरे वीडियो के प्रसार को ट्विटर ने नहीं रोका और न ही इसके संबंध में चेतावनी जारी की। इससे गाजियाबाद के साथ ही दिल्ली में भी सांप्रदायिक दंगे भड़कने व कानून व्यवस्था बिगड़ने का खतरा हो सकता है। एक विशेष विचारधारा से जुड़े लोग स्वार्थ पूरा करने के लिए माहौल खराब करना चाहते हैं।