बिहार के दरभंगा ब्‍लास्‍ट में NIA के रडार पर पाकिस्तान में ट्रेंड मोहम्मद सुफियान और उससे जुड़े लोग

 


दरभंगा जंक्‍शन पर ब्‍लास्‍ट के बाद जांच तेज। प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर

एनआइए की टीम अबतक की जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आलोक में इस पूरे प्रकरण के आसपास घूम रहे एक नाम मो. सुफियान का पता ठिकाना लगाने में जुटी है। पुलिस और जीआरपी से प्राप्त इनपुट के आधार पर एनआइए मो. सुफियान की खोज में लगी है।

दरभंगा, सं। दरभंगा जंक्शन पर हुए पार्सल ब्लास्ट की जांच को पहुंची राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) की टीम ने प्रारंभिक जांच के उपरांत मोहम्मद सुफियान और सुफियान के बीच के कनेक्शन की पड़ताल शुरू कर दी है। सूत्र बताते हैं कि अब एनआइए की टीम अबतक की जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आलोक में इस पूरे प्रकरण के आसपास घूम रहे एक नाम मो. सुफियान का पता ठिकाना लगाने में जुटी है। इसके लिए स्थानीय पुलिस और जीआरपी से प्राप्त इनपुट के आधार पर एनआइए की टीम मो. सुफियान की खोज में लगी है। इसके लिए स्थानीय कनेक्शन तलाशे जा रहे हैं। सूत्रों की मानें तो मो. सुफियान झारखंड के चतरा इलाके का रहनेवाला है और उसकी ट्रेङ्क्षनग पाकिस्तान में हुई है। हालांकि, फिलहाल इस मामले में कोई भी जानकारी साझा नहीं की गई है।

इंडियन मुजाहिद्दीन के चीफ समेत कई सक्रिय आतंकियों की शरणस्थली रहा है दरभंगा

बताते हैं कि दरभंगा जिले में इंडियन मुजाहिद्दीन का पुराना नेटवर्क रहा है। इस जिले में इंडियन मुजाहिद्दीन के चीफ यासीन भटकल ने शिवधारा में बतौर साइकिल मैकेनिक काम किया था। साथ ही यहीं के इंजीनियङ्क्षरग कॉलेज का छात्र समस्तीपुर जिले के कल्याणपुर थानाक्षेत्र का निवासी तहसीन अख्तर ने बाद के दिनों में आतंकी संगठन की कमान थामी थी। उसने पाकिस्तान से कई आतंकियों को भारतीय क्षेत्र में पहुंचाया था। इस स्थिति में पुलिस ने स्थानीय स्तर पर संदिग्ध आतंकी गतिविधियों में लिप्त लोगों के बारे में भी जानकारी एनआइए से साझा की है। इस इनपुट के आधार पर अब एनआइए मो. सुफियान की खोज कर रही है।

चार राज्यों के बाद नेपाल से भी जुड़ा मामला

दरभंगा जंक्शन ब्लास्ट की जांच में अब तक छह संदिग्धों से जांच एजेंसी पूछताछ करने में जुटी है। सूत्रों का कहना है कि एनआइए को मामला सौंपने से पहले गुरुवार को सिकंदराबाद से पकड़े गए चार संदिग्धों से पटना एटीएस के अधिकारियों ने वर्चुअल पूछताछ की। इसमें जो जानकारी मिली उसे देखते हुए मामले की जांच एनआइए से कराने का निर्णय लिया गया। बता दें कि सिकंदराबाद स्टेशन के बाहर जिन चार संदिग्धों को कार से दरभंगा में ब्लास्ट होने वाला कपड़े की गांठ की तरह उतारते हुए देखा गया था। उनमें एक को तेलांग्ना एटीएस ने दबोचा। जिसके निशानदेही पर तीन अन्य को दबोचा गया था। अब उन चारों से एनआइए की टीम पूछताछ करेगी। इधर, गुरुवार की रात ही यूपी एसटीएफ ने शामली में छापेमारी कर पिता-पुत्र को दबोच लिया। घटना में जिस मोबाइल का इस्तेमाल किया गया था उसका तार पकड़े गए दोनों पिता-पुत्र से होने की बात कही गई है। इन दोनों से भी एनआइए की टीम पूछताछ करेगी। अबतक यह मामला बिहार के दरभंगा , तेलंगाना के सिकंदराबाद, यूपी के शामली और झारखंड के चतरा से जुड़ा हुआ था। लेकिन, अब यह नेपाल से भी जुड़ गया है। इस मामले में तकनीकी सेल को एक बड़ी सफलता मिलने की बात कही गई है।

विस्फोट के वक्त दरभंगा स्टेशन पर काम करनेवाले सभी मोबाइल का डिटेल जांच की जद में

दरभंगा जंक्शन ब्लास्ट के समय का जो फुटेज निकाला गया है उसमें एक संदिग्ध की तस्वीर सामने आई थी। जो काफी देर तक मंडराने के बाद जीआरपी थाने के बाहर खड़ा होकर लगातार मोबाइल पर बात करता है। उक्त संदिग्ध युवक फुट ओवरब्रिज पर मोबाइल से बात करते हुए चढ़ता है और उपर से पूरे ²श्य को देखता है। फिर आराम से नीचे उतरता है और प्लेटफार्म संख्या एक पर खड़ी स्वतंत्रता सेनानी ट्रेन में चढ़ जाता है। कुछ देर बाद वह फिर ट्रेन से बाहर आता और प्लेटफार्म से बाहर निकल जाता है। ऐसी स्थिति में उसकी काफी खोज की गई। लेकिन, उसका कोई पता नहीं चल पाया। इसके बाद तकनीकी सेल की टीम ने दरभंगा जंक्शन पर हुए ब्लास्ट के समय कौन-कौन मोबाइल वहां काम कर रहा था इसकी जांच की। टावर थम में कई नंबर मिले हैं। इसमें काफी मशक्कत बाद एक नंबर संदिग्ध पाया गया है। घटना के समय काफी देर तक उस नंबर से दूसरे राज्यों के लोगों से बात हुई है। सूत्रों अनुसार वह नंबर आइडिया की पाई गई है। इस नंबर का नेटवर्क फिलहाल नेपाल बताया जा रहा है। सूत्रों की माने इन तमाम ङ्क्षबदुओं की जानकारी एनआइए टीम को दी गई है। ऐसी स्थिति में भटकल के बाद एक बार फिर एनआइए की नजर नेपाल पर होगी।