उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू को वापस मिला 'ब्लू टिक', ट्विटर ने सही की अपनी गलती; RSS के दो नेताओं के अकाउंट अभी तक 'Unverified'

 


उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू के ट्विटर अकाउंट से हटा 'ब्लू टिक', कर दिया गया 'Unverified'

माइक्रोब्लॉगिंग वेबसाइट ट्विटर ने अपनी गलती सुधारते हुए उपराष्ट्रपति एम.वेंकैया नायडू के ट्विटर हैंडल को वापस वेरिफाइड कर दिया और हटाए गए ब्लू टिक को लगा दिया जिससे अकाउंट को वेरिफाइड माना जाता है। वहीं RSS के दो नेताओं के अकाउंट अब तक अनवेरिफाइड ही हैं।

 नई दिल्ली,एएनआइ। उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से हटा 'ब्लू टिक' वापस आ गया है। माइक्रोब्लॉगिंग वेबसाइट ने अपनी गलती में सुधार कर लिया। हालांकि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के दो प्रमुख नेताओं अरुण कुमार व सुरेश सोनी का अकाउंट अब तक अनवेरिफाइड ही है।  बता दें कि इस ब्लू टिक से अकाउंट को वेरिफाइड माना जाता है। ट्विटर ने कहा, 'हमारे वेरिफिकेशन पॉलिसी के अनुसार, यदि अकाउंट इनएक्टिव हो जाता है तो ब्लू वेरिफाइड बैच को हटाया जा सकता है।'

शनिवार सुबह ट्विटर द्वारा उपराष्ट्रपति एम.वेंकैया नायडू के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ब्लू टिक हटा दिया गया जिसके बाद सोशल मीडिया पर यूजर्स गुस्सा और नाराजगी जाहिर करने लगे थे। उपराष्ट्रपति के अलावा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के दो शीर्ष नेताओं अरुण कुमार व सुरेश सोनी के ट्विटर अकाउंट से भी वेरिफाइड करने वाला ब्लू टिक हटा लिया गया है। इसके पीछे का कारण अब तक पता नहीं है। गौर करने वाली बात है कि उपराष्ट्रपति ने 23 जुलाई 2020 को अंतिम ट्वीट किया था वहीं संघ के दोनों नेताओं के अकाउंट में एक भी ट्वीट पोस्ट ही नहीं किया गया है।

ट्विटर के इस फैसले को लेकर सोशल मीडिया पर लोगों ने आपत्ति जाहिर की है। भारतीय जनता पार्टी के एक नेता

सुरेश नाखुआ ने सवाल किया, 'ट्विटर ने उपराष्ट्रपति के अकाउंट से ब्लू टिक क्यों हटा दिया? यह भारत के संविधान पर हमला है।' वहीं कुछ लोगों ने कहा कि कि उपराष्ट्रपति का अकाउंट एक्टिव नहीं था और इसलिए ही ब्लू बैच हटा लिया गया है।उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू को वापस मिला 'ब्लू टिक', ट्विटर ने सही की अपनी गलती; RSS के दो नेताओं के अकाउंट अभी तक 'Unverified'

माइक्रोब्लॉगिंग वेबसाइट ट्विटर ने अपनी गलती सुधारते हुए उपराष्ट्रपति एम.वेंकैया नायडू के ट्विटर हैंडल को वापस वेरिफाइड कर दिया और हटाए गए ब्लू टिक को लगा दिया जिससे अकाउंट को वेरिफाइड माना जाता है। वहीं RSS के दो नेताओं के अकाउंट अब तक अनवेरिफाइड ही हैं। नई दिल्ली,एएनआइ। उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से हटा 'ब्लू टिक' वापस आ गया है। माइक्रोब्लॉगिंग वेबसाइट ने अपनी गलती में सुधार कर लिया। हालांकि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के दो प्रमुख नेताओं अरुण कुमार व सुरेश सोनी का अकाउंट अब तक अनवेरिफाइड ही है।  बता दें कि इस ब्लू टिक से अकाउंट को वेरिफाइड माना जाता है। ट्विटर ने कहा, 'हमारे वेरिफिकेशन पॉलिसी के अनुसार, यदि अकाउंट इनएक्टिव हो जाता है तो ब्लू वेरिफाइड बैच को हटाया जा सकता है।'

शनिवार सुबह ट्विटर द्वारा उपराष्ट्रपति एम.वेंकैया नायडू के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ब्लू टिक हटा दिया गया जिसके बाद सोशल मीडिया पर यूजर्स गुस्सा और नाराजगी जाहिर करने लगे थे। उपराष्ट्रपति के अलावा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के दो शीर्ष नेताओं अरुण कुमार व सुरेश सोनी के ट्विटर अकाउंट से भी वेरिफाइड करने वाला ब्लू टिक हटा लिया गया है। इसके पीछे का कारण अब तक पता नहीं है। गौर करने वाली बात है कि उपराष्ट्रपति ने 23 जुलाई 2020 को अंतिम ट्वीट किया था वहीं संघ के दोनों नेताओं के अकाउंट में एक भी ट्वीट पोस्ट ही नहीं किया गया है।

हल्की से मध्यम तीव्रता के साथ गरज के साथ बारिश होगी।

इस बीच राष्ट्रीय सेवक संघ के नेता राजीव तुली ने दो और नेताओं के अकाउंट पर इस तरह की कार्रवाई की जानकारी दी और ट्विटर के खिलाफ नाराजगी जाहिर की है।

देश में चलाया जा रहा है राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान

सुरेश नाखुआ ने सवाल किया, 'ट्विटर ने उपराष्ट्रपति के अकाउंट से ब्लू टिक क्यों हटा दिया? यह भारत के संविधान पर हमला है।' वहीं कुछ लोगों ने कहा कि कि उपराष्ट्रपति का अकाउंट एक्टिव नहीं था और इसलिए ही ब्लू बैच हटा लिया गया है।दिल्ली व मुंबई रूट पर चलेंगी और अतिरिक्त स्पेशल ट्रेनें।

पिछले माह ऐसी खबर आई थी कि ट्विटर यूजर्स के अकाउंट को कैटेगरी में बांटा जाएगा। इसके तहत अलग-अलग प्रोफेशन से आने वाले लोगों को अलग ग्रुप के तहत वर्गीकृत किया जाएगा। नेताओं को एक अलग लेवल दिया जाएगा। जबकि पत्रकारों या कंटेंट राइटर को अलग लेवल दिया जाएगा।अकाउंट के एक्टिव होने की जांच उसके पिछले 6 महीने के आंकड़ों से लिया जाता है कि यूजर ने अपने हैंडल का इस अवधि में इस्तेमाल किया है या नहीं। एक यूजर का कहना है कि 23 जुलाई 2020 के बाद उपराष्ट्रपति ने कोई ट्वीट नहीं किया। ट्विटर की पॉलिसी के अनुसार ब्लू टिक स्वचालित रूप से निष्क्रिय खातों से हटा दिए जाते हैं।

पिछले माह ऐसी खबर आई थी कि ट्विटर यूजर्स के अकाउंट को कैटेगरी में बांटा जाएगा। इसके तहत अलग-अलग प्रोफेशन से आने वाले लोगों को अलग ग्रुप के तहत वर्गीकृत किया जाएगा। नेताओं को एक अलग लेवल दिया जाएगा। जबकि पत्रकारों या कंटेंट राइटर को अलग लेवल दिया जाएगा।

अकाउंट के एक्टिव होने की जांच उसके पिछले 6 महीने के आंकड़ों से लिया जाता है कि यूजर ने अपने हैंडल का इस अवधि में इस्तेमाल किया है या नहीं। एक यूजर का कहना है कि 23 जुलाई 2020 के बाद उपराष्ट्रपति ने कोई ट्वीट नहीं किया। ट्विटर की पॉलिसी के अनुसार ब्लू टिक स्वचालित रूप से निष्क्रिय खातों से हटा दिए जाते हैं।