फर्जी फर्म के जरिये 10 करोड़ रुपये का जीएसटी घोटाला, 2 आरोपित गिरफ्तार

 

 

फर्जी फर्म के जरिये 10 करोड़ रुपये का जीएसटी घोटाला, 2 आरोपित गिरफ्तार

आरोपितों की पहचान रोहिणी सेक्टर तीन निवासी शुभम खंडेलवाल व हरियाणा के सोनीपत स्थित देव नगर निवासी पुलकित के रूप में हुई है। दोनों ने करीब 25 फर्जी फर्मों के जरिये करोड़ों रुपये का बिल बनाया और उससे करीब 10 करोड़ रुपये का जीएसटी क्रेडिट हासिल कर लिया।

नई दिल्ली,  संवाददाता। दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने फर्जी फर्म बनाकर 10 करोड़ का जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) का घोटाला करने वाले दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। आरोपितों की पहचान रोहिणी सेक्टर तीन निवासी शुभम खंडेलवाल व हरियाणा के सोनीपत स्थित देव नगर निवासी पुलकित के रूप में हुई है। दोनों ने करीब 25 फर्जी फर्मों के जरिये करोड़ों रुपये का बिल बनाया और उससे करीब 10 करोड़ रुपये का जीएसटी क्रेडिट हासिल कर लिया।

दिल्ली पुलिस अधिकारी ने बताया कि दिल्ली सरकार के व्यापार और कर विभाग की ओर से शिकायत दर्ज कराई गई थी कि आयकर क्रेडिट के रूप में फर्जी तरीके से करीब 42.40 करोड़ रुपये का क्लेम सरस्वती इंटरप्राइसेस से किया गया था। इस क्लेम के तहत फर्म को 10 करोड़ रुपये का जीएसटी क्रेडिट के रूप में दिया गया। जांच के पता चला कि फर्म का पता व जिसके नाम पर फर्म पंजीकृत है वह फर्जी है। इसके अलावा फर्म का फर्जी बैंक खाता भी व्यापार और कर विभाग में दर्ज कराया गया था।

अधिकारी ने बताया कि फर्म द्वारा 27 अगस्त 2017 से 22 नवंबर 2017 तक के बने बिल पर टैक्स क्रेडिट के रूप में 42.40 करोड़ रुपये का क्रेडिट लिया गया, जोकि काफी बड़ी रकम थी। इसकी जांच की गई तो पता चला कि फर्म द्वारा दी गई जानकारियां फर्जी हैं। ऐसे में आर्थिक अपराधा शाखा ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पता चला कि आरोपित शुभम व पुलकित ने फर्जी तरीके से जीएसटी बिल बनाकर फर्जीवाड़ा किया गया है।