15 हजार का कुत्ते का पिल्ला, 66 लाख देने के बाद भी नहीं मिला; जानिए कहां का है ये मामला



15 हजार का कुत्ते का पिल्ला, 66 लाख देने के बाद भी नहीं मिला। इंटरनेट मीडिया

आए दिन साइबर ठगी के मामले सामने आने के बावजूद लोग जागरूक होने को तैयार नहीं हैं। बिना जांच पड़ताल किए साइबर ठगों को अपनी गाढ़ी कमाई सौंप दे रहे हैं। ऐसा ही एक मामला उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में सामने आया।

संवाददाता, देहरादून। आए दिन साइबर ठगी के मामले सामने आने के बावजूद लोग जागरूक होने को तैयार नहीं हैं। बिना जांच पड़ताल किए साइबर ठगों को अपनी गाढ़ी कमाई सौंप दे रहे हैं। ऐसा ही एक मामला उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में सामने आया। यहां एक महिला ने बेटी को जन्मदिन पर कुत्ते का पिल्ला देने की चाहत में 66.39 लाख रुपये गंवा दिए। महिला ने जस्ट डायल की मदद से आनलाइन कुत्ते का पिल्ला मंगवाया था, लेकिन जस्ट डायल पर कुत्ता उपलब्ध कराने वाले व्यक्ति के रूप में उन्हें जिसका फोन नंबर मिला, वह साइबर ठग निकला।

साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन से मिली जानकारी के अनुसार मोथरोवाला में रहने वाली महिला ने बताया कि बीती 22 जून को उनकी बेटी का जन्मदिन था। बेटी ने जन्मदिन पर असम से गोल्डन रिटरेवियर नस्ल का कुत्ता मंगाने को कहा। इसके लिए महिला ने लोकल सर्च इंजन जस्ट डायल की मदद ली। इसके जरिये उनकी फोन पर एक शख्स से बात हुई। उसने गोल्डन रिट्रीवर नस्ल के कुत्ते के बच्चे की कीमत 15 हजार रुपये बताई। उसकी आनलाइन डिलीवरी करने के लिए उसने पांच हजार रुपये एडवांस मांगे और बाकी के 10 हजार रुपये डिलीवरी के बाद देने को कहा। इस पर महिला ने उसके बताए बैंक खाते में पांच हजार रुपये आनलाइन भेज दिए।

इसके बाद व्यक्ति ने दोबारा फोन कर कुत्ते के बच्चे को क्वारंटाइन रखने और लाइसेंस के नाम पर महिला से एक लाख रुपये अपने खाते में मंगा लिए। 26 जून को उसने फिर फोन किया और कुत्ते के बच्चे को भेजने के लिए शिपिंग चार्ज के रूप में एक लाख रुपये मांगे। यह रकम उसने बाद में वापस लौटाने की बात कही। इसके बाद उसने सुरक्षा शुल्क, शिपिंग टैक्स समेत अन्य मदों में खर्च का झांसा देकर दो जुलाई तक महिला से 66 लाख 39 हजार 600 रुपये अपने खाते में जमा करा लिए। इसके बाद भी वह रुपये मांग रहा था, लेकिन ठगी का एहसास होने पर महिला ने साइबर थाने में शिकायत कर दी। स्पेशल टास्क फोर्स के एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि प्रकरण में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।