आज असम के मुख्यमंत्री 150 मुस्लिम बुद्धिजीवियों से मिलेंगे, जनसंख्या नियंत्रण नीति पर करेंगे चर्चा


आज असम के मुख्यमंत्री 150 मुस्लिम बुद्धिजीवियों से मिलेंगे, जनसंख्या नियंत्रण नीति पर करेंगे चर्चा

आज यानी 4 जुलाई को असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा मुस्लिमों के साथ होने वाली बैठक में हिस्सा लेंगे। इस दौरान वह कम से कम गुवाहाटी में मुस्लिम समुदाय के लगभग 150 बुद्धिजीवियों से वह मिलेंगे और जनसंख्या नियंत्रण नीति पर चर्चा करेंगे।

दिसपुर, एएनआइ। आज यानी 4 जुलाई को असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा मुस्लिमों के साथ होने वाली बैठक में हिस्सा लेंगे। इस दौरान वह कम से कम गुवाहाटी में मुस्लिम समुदाय के लगभग 150 बुद्धिजीवियों से वह मिलेंगे और जनसंख्या नियंत्रण नीति पर चर्चा करेंगे। यह बैठक असम में अल्पसंख्यक समुदाय के लिए सबसे बड़े आउटरीच कार्यक्रमों में से एक मानी जा रही है।

मुस्लिम बुद्धिजीवियों को आठ ग्रुप में बांटा गयाइस बैठक के दौरान मुस्लिम बुद्धिजीवियों को आठ ग्रुप में बांटा गया है, जो स्वास्थ्य, शिक्षा, परिवार नियोजन, मुस्लिम महिलाओं के वित्तीय समावेशन जैसे विभिन्न क्षेत्र में काम करेंगे ताकी जनसंख्या नियंत्रण को प्रोत्साहित किया जा सके।

राज्य में बढ़ रही मुस्लिम आबादी

बता दें कि मुस्लिम वर्तमान में असम की आबादी का लगभग 35 फीसद हिस्सा है। इससे पहले मीडिया बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मुस्लिम समुदाय के भीतर जनसंख्या वृद्धि को खतरनाक करार दिया था। साथ ही कहा था कि साल 2001 की जनगणना के अनुसार, जबकि असम में हिंदू आबादी पिछले दशक में  16% की दर से बढ़ी और 2011 की जनगणना में 10 फीसद की वृद्धि दर तक गिर गई, राज्य की मुस्लिम आबादी में लगातार 29 फीसद की वृद्धि हुई।

गौरतलब है कि इससे पहले मुख्यमंत्री ने राज्य में विधान सभा के आगामी बजट सत्र में दो-बच्चों की नीति के लिए एक नया कानून लाने का भी संकेत दिया था। इ, दौरान सीएम हिमंत बिस्वा सरमा का दावा है कि मुस्लिम समुदाय उनके प्रस्तावों के साथ खड़ा है। मुख्यमंत्री ने कहा था कि उन्हें ऑल असम माइनॉरिटी स्टूडेंट यूनियन (AAMSU) के दोनों गुटों का समर्थन प्राप्त है, जो पिछले महीने उनसे मिले थे। मुख्यमंत्री का मानना है कि असम को आर्थिक और सामाजिक रूप से उन्नत राज्य के रूप में तब तक नहीं जाना जाएगा, जब तक आप मुस्लमानों की स्थिति में बदलाव नहीं आता है।