1500 सेवकों के बीच अपनी शारीरिक बनावट को लेकर फिर चर्चा में हैं महाप्रभु के अंगरक्षक अनिल गोच्छिकार


एक्टर-मॉडल की तरह स्मार्ट दिखने वाले अनिल गोच्छिकार

विश्व प्रसिद्ध रथयात्रा बिना भक्तों के ही निकाली गई महाप्रभु के रथ को 1500 सेवकों ने मिलकर खींचा। रथ खींचने वालों में एक बार फिर अपनी बाहुबली-सी कद काठी के चलते प्रभु के अंगरक्षक अनिल गोच्छिकर अपनी शारिरिक बनावट को लेकर चर्चा में हैं।

भुवनेश्वर/पुरी, संवाददाता। कोरोना महामारी के कारण पिछले साल की तरह इस साल भी महाप्रभु जगन्नाथ जी की विश्व प्रसिद्ध रथयात्रा बिना भक्तों के ही निकाली गई। ऐसे में तीनों रथों को जगन्नाथ मंदिर के सेवकों ने खींचा और निर्धारित समय में तीनों रथों को गुंडिचा मंदिर के पास पहुंचा दिया। प्रत्येक रथ को खींचने के लिए 500 के हिसाब से सेवक नियोजित किए गए थे। हालांकि इन 1500 सेवकों के बीच प्रभु जगन्नाथ जी के रथ को खींच रहे उनके अंगरक्षक अनिल गोच्छिकार के शारीरिक बनावट को लेकर एक बार फिर चर्चा शुरू हो हो गई है।

जानें क्‍या है अनिल की दिनचर्या

अनिल के बड़े भाई भी जगन्नाथ मंदिर में सेवक हैं और माता-पिता भी महाप्रभु के सेवक थे। इसके बाद अब अनिल भी महाप्रभु की ही सेवा करते हैं। गराबड़ु सेवा अर्थात प्रभु के स्नान के लिए पानी देने का कार्य, बड़द्वार अर्थात अंगरक्षक का कार्य और हड़प सेवा यानी मंदिर ट्रेजरी वैन का दुरुपयोग न हो इसका संचालन जैसी जिम्मेदारी अनिल ही निभाते हैं। अनिल हर दिन सुबह 5.30 बजे उठ जाते हैं। इसके बाद नाश्ते में 150 ग्राम अंकुरित मूंग और 1 नारियल खाने के बाद जिम जाते हैं। सुबह 9.30 बजे चावल, पनीर, मशरूम, पालक का साग, वेट प्रोटीन और फिर दोपहर 12.30 बजे चावल, पनीर, सोयाबीन, दही और सलाद खाते हैं। दोपहर 3 बजे ब्रेड या रोटी, सब्जी के साथ एक या दो केले खाते हैं और फिर जिम जाते हैं। यहां करीब 3 घंटे शारीरिक अभ्यास करते हैं। अनिल की यह दैनिक क्रिया आज भी जारी है और यही कारण है कि महाप्रभु जी की रथयात्रा में आज एक फिर उन्होंने कैमरे का ध्यान अपनी तरफ आकर्षित किया।