दुनियाभर में कोरोना काल में 15 लाख बच्चे हुए अनाथ, भारत से भी सामने आया चौंकाने वाला आंकड़ा

 


विशेषज्ञों ने अनाथ बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर जताई चिंता

रिपोर्ट के मुताबिक कोरोना महामारी के शुरुआत के 14 महीनों में 10 लाख से ज्यादा बच्चों ने अपने माता-पिता दोनों या इनमें से किसी एक को खो दिया जबकि बाकी 50 हजार ने उनके साथ रहने वाले दादी-दादी को इस महामारी में खो दिया है।

वाशिंगटन, आइएएनएस। कोरोना संक्रमण ने दुनियाभर में तबाही मचाई हुई है। इस महामारी ने अब तक लाखों लोगों की जान ले ली है और लाखों बच्चे इस दौर में अनाथ भी हुए हैं। कोरोना महामारी के कारण अब तक दुनियाभर के 15 लाख बच्चों ने अपने माता-पिता या इनमें से किसी एक को खो दिया है। द लैंसेट में प्रकाशित एक नए अध्ययन में यह बात सामने आई है।

रिपोर्ट के मुताबिक, इसमें से एक लाख 90 हजार बच्चे भारत के हैं जिन्होंने कोरोना काल में अपने माता-पिता में से कोई एक, कस्टोडियल दादा-दादी या नाना-नानी को खो दिया है। इसमें कहा गया है कि कोरोना महामारी के शुरुआत के 14 महीनों में 10 लाख से ज्यादा बच्चों ने अपने माता-पिता दोनों या इनमें से किसी एक को खो दिया, जबकि बाकी 50 हजार ने उनके साथ रहने वाले दादा-दादी को इस महामारी में खो दिया है।

विशेषज्ञों का अनुमान है कि भारत में मार्च 2021 से अप्रैल 2021 के बीच अनाथालयों में बच्चों की संख्या में 8.5 गुना वृद्धि हुई है। इस अंतराल में यहां अनाथ बच्चों की संख्या 5,091 से बढ़कर 43,139 हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि जिन बच्चों ने माता-पिता या देखभाल करने वाले को खो दिया है, उनके स्वास्थ्य और सुरक्षा पर गहरा अल्पकालिक और दीर्घकालिक प्रतिकूल प्रभाव पड़ने का खतरा है। उन्होंने बीमारी, शारीरिक शोषण, यौन हिंसा और किशोर गर्भावस्था के जोखिम को लेकर चिंता जताई है।यूएस सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन कोविड-19 रिस्पांस टीम के प्रमुख लेखक डॉ सुसान हिलिस ने कहा, हमारी रिसर्च में सामने आया है कि 30 अप्रैल, 2021 तक कोरोना के कारण दुनियाभर में 30 लाख लोगों की मौत हुई है जिस वजह से 15 लाख बच्चे अनाथ हुए हैं।