'देवदास' की शूटिंग के दौरान इस समस्या से जूझते रहे थे शाह रुख़ ख़ान, 19 साल बाद खोला राज़


Bhansali with SRK and Madhuri. Photo- Twitter/SRK

देवदास ने 12 जुलाई को रिलीज़ के 19 साल पूरे कर लिये। इस मौक़े पर शाह रुख़ ने सोशल मीडिया के ज़रिए अपने फैंस का शुक्रिया अदा किया और एक ऐसी समस्या का खुलासा किया जिससे वो शूटिंग के दौरान जूझते रहते थे।

नई दिल्ली। संजय लीला भंसाली निर्देशित देवदास हिंदी सिनेमा की बेहतरीन फ़िल्मों में शामिल हैं। वहीं, शाह रुख़ ख़ान, माधुरी दीक्षित और ऐश्वर्या राय बच्चन के करियर की भी यादगार फ़िल्मों में गिनी जाती है। फ़िल्म ने 12 जुलाई को रिलीज़ के 19 साल पूरे कर लिये। इस मौक़े पर शाह रुख़ ने सोशल मीडिया के ज़रिए अपने फैंस का शुक्रिया अदा किया और एक ऐसी समस्या का खुलासा किया, जिससे वो शूटिंग के दौरान जूझते रहते थे। 

शाह रुख़ ख़ान ने लिखा- देर रात तक काम करना, सुबह जल्दी आना... शानदार माधुरी दीक्षित, ख़ूबसूरत ऐश्वर्या राय बच्चन और हमेशा ख़ुश रहने वाले जैकी श्रॉफ, जीवन से भरी किरण खेर और भंसाली के नेतृत्व में काम कर रही बेहतरीन टीम की वजह से सारी समस्याएं सुलझ गयीं। बस एक समस्या नहीं सुलटी- धोनी हमेशा गिरती रहती थी। प्यार के लिए शुक्रिया।

देवदास 2002 में रिलीज़ हुई थी। अगले साल फ़िल्म 20 साल का सफ़र पूरा कर लेगी। देवदास अपने दौर की सफल और चर्चित फ़िल्म थी। फ़िल्म में शाह रुख़ ने देवदास, माधुरी ने चंद्रमुखी और ऐश्वर्या राय ने पारो का किरदार निभाया था। संयोग से 12 जुलाई को बिमल रॉय का जन्मदिन भी मनाया जाता है, जिन्होंने दिलीप कुमार, वैजयंतीमाला और सुचित्रा सेन को लेकर 1955 में देवदास बनायी थी। यह हिंदी सिनेमा की आइकॉनिक फ़िल्म मानी जाती है।

भंसाली प्रोडक्शंस ने देवदास के ज़रिए दिलीप कुमार को भी याद किया, जिनका निधन 7 जुलाई को हुआ था। भंसाली की ओर किये गये ट्वीट में लिखा- 19 साल पहले यह प्रेम कहानी हमारे दिलों में दाख़िल हुई थी और अपने सदाबहार संगीत, ज़बरदस्त परफॉर्मेंस की वजह से आज भी यादों में बनी है। देवदास की तरह दिलीप कुमार को भी श्रद्धांजलि। आप हमेशा ज़िंदा रहोगे। 

बता दें, भंसाली की देवदास शरत चंद्र चट्टोपाध्याय के कालजयी उपन्यास देवदास पर बनने वाली 14वीं फ़िल्म थी। इस उपन्यास पर पहली फ़िल्म 1928 में बनी थी। इस मूक फ़िल्म को नरेश मित्रा ने निर्देशित किया था। फणी वर्मा, तारकबाला और निहारबाला ने मुख्य किरदार निभाये थे। 1935 में पीसी बरुआ ने बंगाली और हिंदी में देवदास बनायी। हिंदी सिनेमा की यह पहली देवदास मानी जाती है।

फ़िल्म का निर्देशन बरुआ ने ही किया था और ख़ुद ही देवदास का किरदार निभाया था। जमना बरुआ पारो और चंद्रबती देवी चंद्रमुखी के किरदार में थीं। देवदास बंगाली, हिंदी के अलावा तमिल, असमी, तेलुगु, उर्दू, मलयालम में भी बनायी जा चुकी हैं।