तमिलनाडु को चाहिए कोरोना वैक्सीन की 1 करोड़ डोज, स्टालिन ने प्रधानमंत्री को लिखा पत्र

 


तमिलनाडु को चाहिए कोरोना वैक्सीन की 1 करोड़ डोज, स्टालिन ने प्रधानमंत्री को लिखा पत्र

इसी शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तमिलनाडु समेेत 6 राज्यों में कोरोना संक्रमण के हालात पर चर्चा करेंगे। इस बीच आज तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने वैक्सीन की एक करोड़ खुराकों की मांग की है और बताया है कि राज्य में कमी के कारण वैक्सीनेशन रुक गई है।

चेन्नई, आइएएनएस। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से राज्य के लिए कोरोना वैक्सीन की मांग की है। मुख्यमंत्री स्टालिन ने अनुरोध किया है कि राज्य के लिए वैक्सीन की एक करोड़ खुराक का विशेष आवंटन किया जाए। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से वैक्सीन के आवंटन में हुए असंतुलन में सुधार करने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य को  वैक्सीन की किल्लत का सामना करना पड़  रहा है।

जनसंख्या के अनुपात में नहीं है खुराकें

द्रविड़ मुनेत्र कड़गम  के प्रमुख ने राज्य को जनसंख्या के अनुपात में वैक्सीन काफी कम मिली है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय   ने वादा किया था  कि राज्यों में वैक्सीन के योग्य 18 से 44 वर्ष के आयुवर्ग की आबादी के लिए खुराकें मुहैया कराई जाएंगी। स्टालिन ने अपने पत्र में कहा कि तमिलनाडु को प्रति हजार की आबादी के लिए 302 वैक्सीन का आवंटन किया गया था, गुजरात, कर्नाटक और राजस्थान जैसे  राज्यों को 533, 493 और 446 वैक्सीन की खुराकें  दी गई थी। इससे यह स्पष्ट पता चलता है कि तमिलनाडु के साथ अन्याय हुआ। 8 जुलाई तक तमिलनाडु ने केवल 29,18,110 वैक्सीन की खुराकें केंद्र सरकार से प्राप्त की जो यहां के  18-44 वर्ष के आयुवर्ग के लिए है।

राज्य में रुक गया है टीकाकरण अभियान 

मुख्यमंत्री ने कहा कि वैक्सीन की किल्लत से राज्य में टीकाकरण अभियान को आगे बढ़ाना मुश्किल हो गया है। उन्होंने यह भी कहा कि वैक्सीन को लेकर राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे जागरुकता अभियान के बेहतर नतीजे मिल रहे हैं। वैक्सीन की खुराक के लिए लोगों की लंबी कतारें लग रहीं हैं। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसी शुक्रवार तमिलनाडु समेत अन्य 6 राज्यों में कोरोना हालात की समीक्षा के लिए मुख्यमंत्रियों से चर्चा करेंगे।