ईद-उल-अजहा के मौके पर भारत और पाकिस्तान के बीच हुआ मिठाइयों का आदान-प्रदान, 2019 के बाद पहला मौका

 


ईद-उल-अजहा के मौके पर भारत और पाकिस्तान के बीच हुआ मिठाइयों का आदान-प्रदान

यह पहली बार था जब अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के बाद दोनों सेनाओं के बीच मिठाइयों का आदान-प्रदान किया गया क्योंकि पाकिस्तानी पक्ष ने रिवाज को जारी रखने से इनकार कर दिया था। पिछले साल कोरोना के कारण भी ऐसा न हो सका था।

नई दिल्ली, पीटीआइ/एएनआइ। सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और पाकिस्तान रेंजर्स ने बुधवार को ईद-उल-अधा के अवसर पर सीमा पर विभिन्न बिंदुओं पर मिठाइयों का आदान-प्रदान किया। पाकिस्तान की ओर से 2019 में इस प्रथा को बंद कर दिया गया था। दोनों देशों में बढ़ते तनाव के कारण पाकिस्तान और भारत किसी भी त्योहार पर मिठाई नहीं बांटते थे, लेकिन अब दोबारा यह प्रथा अपनाई गई। 5 अगस्त, 2019 को नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा संविधान के अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निरस्त कर दिया था, जिसने जम्मू और कश्मीर को विशेष दर्जा वापस ले लिया था। इस कारण दोनों देशों में तनाव बढ़ा था।

बीएसएफ के एक प्रवक्ता ने यहां कहा कि पंजाब के अमृतसर जिले में जेसीपी (संयुक्त चेक पोस्ट) अटारी पर ईद के अवसर पर बीएसएफ और पाकिस्तान रेंजर्स के बीच मिठाइयों का आदान-प्रदान हुआ, जो पाकिस्तान के वाघा सीमा के सामने स्थित है। अधिकारियों ने बताया कि राजस्थान मोर्चे पर भी दोनों बलों के बीच मिठाइयां बांटी गईं।

यह पहली बार था जब अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के बाद दोनों सेनाओं के बीच मिठाइयों का आदान-प्रदान किया गया, क्योंकि पाकिस्तानी पक्ष ने रिवाज को जारी रखने से इनकार कर दिया था। बताया गया था कि अगस्त 2019 के घटनाक्रम के बाद, भारत की ओर से मिठाइयों के आदान-प्रदान की पेशकश की गई थी लेकिन पाकिस्तानी पक्ष ने कोई जवाब नहीं दिया। हालांकि, बीएसएफ के प्रवक्ता ने कहा कि इस प्रथा को पिछले साल COVID-19 के प्रकोप के कारण निलंबित कर दिया गया था।

बीएसएफ लगभग 2,290 किलोमीटर भारत-पाकिस्तान अंतर्राष्ट्रीय सीमा (आईबी) की रक्षा करता है जो भारत के पश्चिमी किनारे पर जम्मू, पंजाब, राजस्थान से गुजरात तक उत्तर से दक्षिण तक चलती है। ईद-उल-अजहा के मौके पर जम्मू में सीमा पर मिठाइयों का आदान-प्रदान भी हुआ।

'पुलवामा घटना (2019 में) के बाद दो सीमा सुरक्षा बलों (बीएसएफ और पाकिस्तान रेंजर्स) के बीच मिठाइयों का यह पहला आदान-प्रदान रहा।' बीएसएफ के जम्मू सीमांत ने एक बयान में कहा, लंबे समय तक सीमा पार से कोई गोलाबारी नहीं हुई और सीमा के दोनों ओर के किसान अपनी कृषि गतिविधियों को शांतिपूर्वक अंजाम देने में सक्षम हैं। बता दें कि 14 फरवरी, 2019 को जैश-ए-मोहम्मद के आत्मघाती हमलावर द्वारा जम्मू से श्रीनगर जा रहे 70 से अधिक वाहनों के लंबे काफिले में सीआरपीएफ के 40 जवानों की मौत हो गई थी। इसके तुरंत बाद, भारत ने पाकिस्तान के बालाकोट में आतंकी समूह के एक आतंकवादी प्रशिक्षण शिविर पर हवाई हमला किया था।यहां यह भी बता दें कि दिवाली और ईद के साथ-साथ गणतंत्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस, 1 दिसंबर को बीएसएफ स्थापना दिवस और 14 अगस्त को पाकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस जैसे त्योहारों के दौरान भी दोनों पक्षों द्वारा मिठाइयों का आदान-प्रदान किया जाता है। वहीं, संघर्ष विराम की घोषणा दोनों सेनाओं ने 25 फरवरी को जारी एक संयुक्त बयान के माध्यम से की थी। दोनों देशों ने इससे पहले 2003 में संघर्ष विराम समझौते पर हस्ताक्षर किए थे लेकिन इसका बार-बार उल्लंघन किया गया।