दिल्ली से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का सफर सिर्फ 21 मिनट, 1 घंटे में पहुंचेंगे आगरा

 

 नई दिल्ली, ऑनलाइन डेस्क। दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्धनगर में बनने वाला नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट आने वाले समय में एनसीआर के लाखों लोगों के लिए राहत, सहूलियत और कई तरह की सुविधाएं लेकर आ रहा है। दरअसल, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना शहर में हाई स्पीड ट्रेन (बुलेट ट्रेन) को लेकर तैयारी शुरू हो गई है। इस योजना के धरातल पर उतरने के साथ ही देश की राजधानी दिल्ली से यात्री महज 21 मिनट में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंच जाएंगे। गौरतलब है कि बुलेट ट्रेन का दिल्ली-वाराणसी कॉरिडोर गौतमबुद्ध नगर जिले से भी होकर गुजरेगा। बुलेट ट्रेन का एक स्टेशन नोएडा में जबकि दूसरा स्टेशन नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास बनेगा। इससे के बाद नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से दिल्ली की कनेक्टिवटी बढ़ जाएगी।

गौरतलब है कि पिछले सप्ताह ही एडीएम प्रशासन दिवाकर सिंह ने बुलेट ट्रेन के दिल्ली-वाराणसी कॉरिडोर को लेकर ग्रेटर नोएडा में नेशनल हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड के अधिकारियों के साथ बैठक की थी। इस दौरान परियोजना को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। बताया गया है कि इसके लिए 160.81 हेक्टेयर जमीन की आवश्यकता होगी। परियोजना का धरातल पर उतारने के लिए सिर्फ 60.19 हेक्टेयर भूमि किसानों से खरीदी जाएगी, जबकि बाकी जमीन सरकारी होगी।तकरीबन 62.5 किलोमीटर की दूरी मरीज 21 मिनट में तय होगी, जबकि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से आगरा पहुंचने में सिर्फ 33 मिनट का समय लगेागा। एयरपोर्ट की टर्मिनल बिल्डिंग में ही बुलेट ट्रेन का स्टेशन बनाने की प्लानिंग, जिससे एयर पोर्ट के यात्रियों को ज्यादा परेशानी नहीं हो। दिल्ली-वाराणसी बुलेट ट्रेन कॉरिडोर पर गौतमबुद्ध नगर ऐसा अकेला जिला होगा, जिसमें दो स्टेशन बनाए जाएंगे।

 किसानों से जमीन लेने का काम जल्द होगा शुरू

बताया जा रहा है कि परियोजना के बाबत किसानों से आपसी समझौते के आधार पर जमीन खरीदने के निर्देश दिए गए हैं। परियोजना से प्रभावित किसानों को 2013 के जमीन अधिग्रहण कानून के लाभ मिलेंगे। 

एक्सप्रेसवे के किनारे से जाएगा कॉरिडोर

बताया जा रहा है कि बुलेट ट्रेन का कॉरिडोर एक्सप्रेसवे के किनारे-किनारे बनाया जाएगा। यह कॉरिडोर नोएडा में नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस-वे और फिर यमुना एक्सप्रेस-वे के किनारे आगरा तक जाएगा। ऐसे में यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के पास पहले से ही जमीन है, ऐसे में इस परियोजना में ज्यादा दिक्कत नहीं आएगी।

दिल्ली से वाराणसी चार घंटे में पहुंचेंगे

इस रूट का आखिरी स्टेशन वाराणसी होगा। दिल्ली से लखनऊ तक 2.5 घंटे और दिल्ली से वाराणसी तक पहुंचने में चार घंटे का समय लगेगा।

यूपी के 22 जिलों से होकर गुजरेगा कारिडोर

दिल्ली-बाराणसी के बीच प्रस्तावित हाई स्पीड कॉरिडोर उत्तर प्रदेश के 22 जिलों से होकर गुजरेगा। यह परियोजना नोएडा, मथुरा, आगरा, अयोध्या, लखनऊ, प्रयागराज और वाराणसी जैसे महत्वपूर्ण शहरों को दिल्ली से जोड़ेगी। कॉरिडोर पर कुल 12 स्टेशन बनने हैं। बुलेट ट्रेन नोएडा सेक्टर-148, जेवर एयरपोर्ट, मथुरा, आगरा, कन्नौज, इटावा, लखनऊ, रायबरेली, प्रयागराज व भदोही में ट्रेन रुकेगी। वहीं, बुलेट ट्रेन के तहत दिल्ली में सराय काले खां से बुलेट ट्रेन चलने के बाद नोएडा में सेक्टर-148 पहला पड़ाव होगा। इसके बाद नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट में बुलेट ट्रेन का ठहराव होगा।