21 जून के बाद से हर दिन वैक्सीनेशन में कमी दर्ज, सरकारी डाटा में दी गई जानकारी


21 जून के बाद से हर दिन वैक्सीनेशन में कमी दर्ज, सरकारी डाटा में दी गई जानकारी

2019 में महामारी कोविड-19 की शुरुआत हुई थी और इससे बचाव के लिए पूरी दुनिया में वैक्सीनेशन अभियान जारी है। भारत में यह इस साल 16 जनवरी से शुरू हुआ। इसके तहत कोवैक्सीन कोविशील्ड और अब स्पुतनिक के खुराक उपलब्ध हैं।

नई दिल्ली, प्रेट्र। कोरोना वायरस के खिलाफ देश में कोरोना वैक्सीनेशन का महाभियान जारी है। इसके लिए केंद्र सरकार की तरफ से राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को कोरोना रोधी वैक्सीन उपलब्ध कराई जा रही है। इस बीच वैक्सीनेशन की गति धीमी पड़ने की खबर आई है। 21 जून से देश भर में शुरू हुए कोरोना वैक्सीनेशन की तीसरे चरण के तहत हर दिन वैक्सीनेशन में औसतन गिरावट दर्ज की जा रही है। ये आंकड़े सरकार की ओर से जारी किए गए हैं।

कोविन (CoWIN) प्लेटफार्म पर दिए गए आंकड़ों के अनुसार 21 से 27 जून के सप्ताह में हर दिन औसतन 61.14 लाख खुराकें दी गई। वहीं 28 जून से 4 जुलाई के दौरान 41.92 लाख वैक्सीन की खुराकें दी गई जो पहले की तुलना में कम है। 5 से 11 जुलाई के हफ्ते में हर दिन दिए जाने वाली वैक्सीन की खुराक कम होकर 34.32 हो गई। वहीं राज्यों से मिश्रित नतीजे मिल रहे हैं। कोविन डाटा के अनुसार, 21-27 जून की अवधि में हरियाणा, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, गुजरात और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में औसतन हर दिन वैक्सीनेशन में गिरावट दर्ज की गई। वहीं केरल, अंडमान और निकोबार, दादर और नागर हवेली, जम्मू कश्मीर में वैक्सीनेशन में तेजी देखी जा रही है।

असम और त्रिपुरा में जहां इन दिनों संक्रमण के मामलों में तेजी आई है वहां भी हर दिन वैक्सीनेशन की दर में कमी आई है। 14-20 जून की अवधि में औसतन हर दिन 33.97 लाख खुराकें दी गई। सोमवार को स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जानकारी दी गई कि राज्यों, केंद्रशासित प्रदेशों व अस्पतालों में 1.54 करोड़ वैक्सीन की खुराकें बची हैं। देशभर में अब तक कुल 37.73 करोड़ खुराकें दी गई हैं। मंत्रालय के मुताबिक केंद्र की तरफ से अभी तक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को कुल 38.60 करोड़ डोज मुहैया कराई जा चुकी हैं। आइएएनएस के मुताबिक जल्द ही राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 11.25 लाख डोज और मिल जाएंगी। मंत्रालय ने कहा है कि सरकार पूरे देश में टीकाकरण की गति और उसका दायरा बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है और इस दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है।