भारत में विभिन्न अंतरिक्ष गतिविधियों के लिए सरकार को निजी संस्थाओं से 27 प्रस्ताव मिले


भारत में विभिन्न अंतरिक्ष गतिविधियों को शुरू करने के लिए अब तक निजी संस्थाओं से 27 प्रस्ताव प्राप्त हुए

मानसून सत्र के दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) विज्ञान और प्रौद्योगिकी पृथ्वी विज्ञान परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ जितेंद्र सिंह ने गुरुवार को कहा कि भारत में विभिन्न अंतरिक्ष गतिविधियों को शुरू करने के लिए अब तक निजी संस्थाओं से 27 प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।

 नई दिल्‍ली, एजेंसी। मानसून सत्र के दौरान राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) विज्ञान और प्रौद्योगिकी पृथ्वी विज्ञान, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ जितेंद्र सिंह ने गुरुवार को कहा कि भारत में विभिन्न अंतरिक्ष गतिविधियों को शुरू करने के लिए अब तक निजी संस्थाओं से 27 प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। उन्होंने कहा कि प्रस्तावों के प्रकारों में लॉन्च वाहनों का निर्माण और लॉन्चिंग, उपग्रहों का निर्माण, स्वामित्व और संचालन, उपग्रह आधारित सेवाएं प्रदान करना, ग्राउंड सेगमेंट स्थापित करना, अनुसंधान साझेदारी और मिशन सेवाएं प्रदान करना शामिल है।

अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था अगले दो दशकों में तेजी से बढ़ेगी आगे

उन्‍होंने कहा कि वैश्विक अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था अगले दो दशकों में एक ट्रिलियन अमरीकी डालर से अधिक बढ़ने की ओर अग्रसर है। अंतरिक्ष क्षेत्र के सुधारों के साथ, भारतीय निजी अंतरिक्ष उद्योग वैश्विक अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था के मूल तत्वों में योगदान करने के लिए तैयार है। इससे अंतरिक्ष आधारित सेवाएं, लॉन्च सेवाएं, लॉन्च वाहनों और उपग्रहों का निर्माण, ग्राउंड सेगमेंट की स्थापना और लॉन्च इंफ्रास्ट्रक्चर करना शामि‍ल है। अकादमिक संस्थानों, स्टार्ट-अप और उद्योगों सहित निजी क्षेत्र की एंड-टू-एंड अंतरिक्ष गतिविधियों में भागीदारी से राष्ट्रीय अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था का विस्तार होने, अधिक रोजगार के अवसर पैदा करने और बेहतर विनिर्माण सुविधाएं बनाने की उम्मीद है।