मेयर नवीन का प्रयास, 31 मार्च 2022 तक हर हाल में होगा डलाबघर मुक्त आगरा


आगरा नगर निगम में महापौर नवीन जैन।
पूरे शहर में डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन के लिए हुई मैराथन बैठक। आगरा शहर में लगभग 300 से अधिक छोटे- बड़े डलाबघर हैं। रात्रि कालीन सफाई व्यवस्था की शुरुआत की और एकत्रित कूड़े को डलाबघरों में डालने का काम किया।

आगरा,  संवाददाता। शहरवासियों से नवीन आगरा बनाने का जो वादा किया था उसे पूरा करने के लिए महापौर नवीन जैन रात-दिन जुटे रहते हैं। इसी पर अमल करते हुए सफ़ाई व्यवस्था को और अधिक सुदृण बनाने के लिए पूरे शहर में डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन एवं डलाबघर मुक्त आगरा बनाने की योजना व्यवस्था बनाने को लेकर आगरा नगर निगम में महापौर कार्यालय पर मैराथन बैठक हुई जिसमें नगर आयुक्त निखिल टीकाराम, अधिशासी अभियंता आशीष शुक्ला और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

ताजमहल के आसपास 6 वार्डों में शत प्रतिशत डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन का काम होने लगा है। एकत्रित हुए कूड़े का 70 प्रतिशत सेग्रिगेशन भी किया जाने लगा है। इसी तर्ज पर शहर के बाकी सभी क्षेत्रों में भी हर घर से कूड़ा उठे, सूखे व गीले कूड़े का अलग-अलग निस्तारण हो और कहीं भी गंदगी न दिखे, इसके लिए आगामी 30 अक्टूबर तक की कार्ययोजना तैयार की गयी। इस योजना के अंतर्गत जिन क्षेत्रों में डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन की व्यवस्था बेहतर होती जाएगी। उन क्षेत्रों में स्थित डलाबघरों को हटाने का काम किया जाएगा। क्योंकि एकत्रित कूड़े को सीधे डंपिंग स्थल पर डंप किया जाएगा। 

महापौर नवीन जैन ने बताया कि डलाबघर मुक्त आगरा बनाने को लेकर आज की बैठक में चिंतन किया गया। लक्ष्य रखा है कि 31 मार्च 2022 तक हर हाल में आगरा शहर को डलाबघर मुक्त बनाने का प्रयास करूंगा। इसके अलावा पूरे शहर में डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन की व्यवस्था शुरू हो इसके लिए आगामी 3 माह की योजना भी तैयार की गई है। महापौर ने बताया कि आगरा शहर में लगभग 300 से अधिक छोटे- बड़े डलाबघर हैं। हमने सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ बनाया, रात्रि कालीन सफाई व्यवस्था की शुरुआत की और एकत्रित कूड़े को डलाबघरों में डालने का काम किया लेकिन इसके बावजूद शहर में गंदगी का आलम दिखाई दिया। क्योंकि डलाबघरों में एकत्रित कूड़े को जानवर बिखेर देते हैं, डलाबघर भर जाने से कूड़ा सड़क तक फैल जाता है जिससे बदबू फैलने के साथ-साथ मच्छरों का प्रकोप बढ़ जाता है। सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने बाद भी गंदगी का अंबार लगा रहता है जिससे शहर की छवि भी धूमिल होती है। महापौर ने बताया कि डलाबघर और गंदगी के अंबार की ये स्थिति देखने के बाद ही उन्होंने आगरा शहर को डलाबघर मुक्त बनाने का सकंल्प लिया है। वहीं नगर आयुक्त निखिल टीकाराम ने जानकारी दी कि जिस तरह से ताजमहल के आस-पास 6 वार्डों में डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन का काम हो रहा है। उसे ध्यान में रखते हुए शहर के अन्य वार्डों में इसी व्यवस्था को लागू करने जा रहे हैं। महापौर नवीन जैन जी की मंशा है कि हम डलाबघर मुक्त आगरा बनाये, इसे ध्यान में रखकर हमने एक योजना भी तैयार की है। शहर से प्रतिदिन एकत्रित होने वाले कूड़े की मात्रा और कूड़े के निस्तारण से जुटे आंकड़े भी जुटाएं हैं।नगर आयुक्त ने बताया कि शहर से प्रतिदिन निकलने वाले कूड़े में लगभग 53 प्रतिशत कूड़ा घरों से आता है जिनमें 24 प्रतिशत किचन वेस्ट होता है जबकि अन्य में रद्दी, कांच, रबर, प्लास्टिक, टेक्सटाइल, लकड़ी आदि कचरा होता है। लगभग 23 प्रतिशत कूड़ा व्यापारिक प्रतिष्ठानों व रेस्टोरेंट से आता है। लगभग 15 प्रतिशत कूड़ा खुले स्थानों व औद्योगिक क्षेत्रों से आता है जबकि 9 प्रतिशत कूड़ा गलियों की सफाई या नाली के सिल्ट के रूप में एकत्रित कचरा होता है। इन तथ्यों को ध्यान में रखकर हमने इस तरह की कार्य योजना तैयार की है कि डोर टू डोर कूड़ा-कचरा का कलेक्शन, सेग्रिगेशन के साथ उसे सीधे डंपिंग स्थल पर भेजा जाए ताकि कूड़े को डलाबघर में डालने की जरूरत ही न पड़े और हमारा शहर साफ- सुथरा नजर आये। इस कार्य योजना के माध्यम से हमारे महापौर ने 31 मार्च 2022 तक डलाबघर मुक्त आगरा बनाने का जो संकल्प लिया है, उसे पूरा करने का प्रयास करेंगे।