दिल्ली में कोरोना के 44 नए मामले आए सामने, पांच मरीजों की मौत

 

 

दिल्ली में सक्रिय मरीजों की संख्या 569 है।

राजधानी में मंगलवार को कोरोना के 44 नए मरीज मिले। वहीं पांच मरीजों की मौत हो गई। इसके साथ ही 37 मरीज स्वस्थ हुए। वहीं मृत्यु दर 1.74 फीसद पर स्थिर रही। पिछले 24 घंटोें में 63019 सैंपल की जांच की गई।

नई दिल्ली। राजधानी में मंगलवार को कोरोना के 44 नए मरीज मिले। वहीं, पांच मरीजों की मौत हो गई। इसके साथ ही 37 मरीज स्वस्थ हुए। वहीं, मृत्यु दर 1.74 फीसद पर स्थिर रही। पिछले 24 घंटोें में 63,019 सैंपल की जांच की गई, जिनमें से 0.07 फीसद सैंपल पाजिटिव मिले।

कुल मरीजों की संख्या 1435609 हो गई

स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक दिल्ली में कुल कोरोना मरीजों की संख्या अब 14,35,609 हो गई है, जिनमें से 14,10005 ठीक हो चुके हैं। वहीं, कोरोना से मरने वालों का आंकड़ा 25,035 हो गया है। सक्रिय मरीजों की संख्या 569 है। फिलहाल 183 मरीज आइसोलेशन में रहकर अपना इलाज करा रहे हैं। जबकि अस्पतालों में 333 मरीज भर्ती हैं। कोविड केयर सेंटर में नौ मरीजों का इलाज़ चल रहा है। साथ ही कंटेनमेंट जोन की संख्या घटकर 406 रह गई है।

वैक्सीन की कमी से सुस्त हुआ टीकाकरण

वहीं, राजधानी में कोरोना के टीके की कमी से टीकाकरण अभियान सुस्त पड़ गया है। खास तौर पर कोविशील्ड टीके की कमी बनी हुई है। इससे लोगों को टीका लगवाने के लिए परेशान होना पड़ रहा है। सोमवार को भी दिल्ली में रात नौ बजे तक महज 25,981 लोगों को ही टीका लग पाया, जो क्षमता से बहुत कम है। दिल्ली में टीकाकरण के लिए 1374 केंद्र बनाए गए हैं। इसलिए एक दिन में दो लाख से अधिक लोगों को टीका लगाने की क्षमता है। टीके की उपलब्धता होने पर डेढ़ लाख से अधिक लोगों को टीका लग भी रहा था। इस लिहाज से मौजूदा समय में टीकाकरण बहुत कम हो गया है।

इससे दिल्ली में अब तक महज 22 लाख 25 हजार 282 लोगों को ही दोनों डोज टीका लग पाया है। करीब डेढ़ करोड़ लोगों को टीका लगाया जाना है। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली में कोविशील्ड की 72,240 डोज स्टाक में उपलब्ध हैं। वहीं कोवैक्सीन की दो लाख पांच 630 डोज उपलब्ध हैं। समस्या यह है कि कोवैक्सीन की सिर्फ 20 फीसद खुराक ही पहली डोज लेने वाले लोगों को देने का प्रविधान है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार कोवैक्सीन की नियमित आपूर्ति नहीं हो रही है। इसलिए यह टीका बहुत कम लोगों को लग रहा है। पिछले कुछ दिनों से कोविशील्ड की आपूर्ति भी कम हो गई है। इससे समस्या बढ़ गई है।