दिल्ली पुलिस और किसानों के बीच बनी सहमति, जंतर-मंतर पर हर दिन 6 घंटे प्रदर्शन कर सकेंगे किसान, 200 को अनुमति

 


तीन कृषि कानूनों को खत्म किए जाने की मांग को लेकर संसद भवन पर प्रदर्शन करने जा रहे हैं।

दिल्ली की सीमाओं पर बैठे प्रदर्शनकारियों द्वारा मानसून सत्र के दौरान दिल्ली कूच करने के एलान पर दिल्ली पुलिस पहले से पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है। प्रदर्शनकारियों को दिल्ली में न घुसने देने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।

नई दिल्ली,  संवाददाता। कृषि कानूनों के विरोध में आंदोलन करने वाले किसानों को संसद के मानसून सत्र के दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ जंतर मंतर पर प्रदर्शन करने के लिए अनुमति मिल गई है। उप राज्यपाल अनिल बैजल के निर्देश पर दिल्ली पुलिस व किसानों के बीच सहमति बनी। 200 किसान हर दिन जंतर मंतर पर सुबह 11 से शाम 5 बजे यानी 6 घंटा प्रदर्शन कर सकेंगे। 22 जुलाई से 9 अगस्त तक प्रदर्शन करने की इजाजत दी गई है।

पुलिस अधिकारी का कहना है कि पुलिसकर्मियों की कड़ी सुरक्षा घेरे में हर दिन सीमाओं से बसों में सवार होकर केवल 200 प्रदर्शनकारी किसान जंतर मंतर आ सकेंगे। इसके अलावा एक एसयूवी में 6 किसान नेता अलग से जंतर मंतर पर आ सकेंगे। प्रदर्शन के बाद सभी को वापस जंतर मंतर पर भेज दिया जाएगा। कोरोना आदि कई मसले को देखते हुए मंगलवार तक दिल्ली पुलिस ने किसानों को जंतर मंतर पर आकर प्रदर्शन करने की इजाजत नहीं दी थी। संसद तक जाने देने के लिए संयुक्त किसान मोर्चा ने कई बार दिल्ली पुलिस से इजाजत मांगी थी लेकिन अनुमति नहीं दी गई। मंगलवार को भी दिल्ली पुलिस व किसानों के बीच कई बार बैठक हुई थी लेकिन कोई नतीजा नहीं निकल पाया था।

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बुधवार को दिल्ली सरकार के तरफ से डीडीएमए के एडिशनल सीईओ राजेश गोयल ने पुलिस मुख्यालय के एडिशनल सीपी दीपक पुरोहित को पत्र भेज कर बताया कि उपराज्यपाल अनिल बैजल से अनुरोध के बाद उनके निर्देश पर किसानों को जंतर मंतर पर प्रदर्शन करने की इजाजत दे दी गई है। उपराज्यपाल ने इस संबंध में पुलिस विभाग को सूचित कर देने को कहा है।किसानों को प्रदर्शन करने के लिए 22 जुलाई से 9 अगस्त तक के लिए ही अनुमति दी गई है। इस दौरान सभी कोरोना संक्रमण पर अंकुश लगाने के सरकार द्वारा जारी पूर्व के सभी दिशा निर्देशों का सख्ती से पालन करेंगे। शारीरिक दूरी बनाएंगे, हाथों को बार बार साफ करेंगे, सेनीटाइजर का इस्तेमाल करेंगे।

दिल्ली पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि सिंघु बार्डर पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। यहां पर 2500 दिल्ली पुलिस और 3000 पैरामिलिट्री के जवान तैनात कर दिए गए हैं। इसके अलावा यहां पर दंगा नियंत्रण वाहन, वाटर कैनन, टीयर गैस के साथ जवान तैनात कर दिए गए हैं। दिल्ली पुलिस के अधिकारा नहीं चाहते कि किसान किसी भी तरह से फिर 26 जनवरी जैसे हालात पैदा करें। शांति व्यवस्था को किसी भी तरह से बिगड़ने नहीं दिया जाएगा। इसके अलावा दिल्ली पुलिस की ओर से सभी सीमाओं पर ड्रोन के जरिए नजर रखी जाएगी जिससे कोई भी संदिग्ध दिल्ली में घुसकर गतिविधि को अंजाम न दे सके।

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कृषि कानूनों के विरोध में संसद भवन के बाहर धरना देने के मसले पर दिल्ली पुलिस व संयुक्त किसान मोर्चा के बीच मंगलवार को दूसरी बैठक भी बेनतीजा रही थी। सिंघु बार्डर के निकट एक रिसोर्ट में हुई बैठक में संसद की जगह किसी अन्य जगह पर धरना देने व उसमें शामिल होने वाले लोगों की संख्या कम करने के पुलिस के प्रस्ताव पर सहमति नहीं बन सकी। बैहालांकि नेताओं ने यह भी कहा कि बैठक में पुलिस ने जो बातें कहीं हैं, उन बातों पर मोर्चा की बैठक में विचार किया जाएगा। इसी बैठक में ये भी तय किया गया था कि पुलिस की ओर से दिए गए सुझाव पर भी विचार किया जाएगा, इसी के तहत ये चीजें तय की गई।