उन्नाव में अनोखी शादी, 60 साल का दूल्हा और 55 साल की दुल्हन, 13 साल का बेटा बना बराती

 


पंद्रह साल के लिव इन रिलेशन में रह रहे थे दंपती।

उन्नाव के गंजमुरादाबाद बेहटा मुजावर थाना क्षेत्र के ग्राम रसूलपुर रूरी में पंद्रह साल से लिव इन रिलेशन रहने वाले वृद्ध और वृद्धा ने विवाह रचाया। दोनों का बेटा भी बैंड बाजे की धुन पर डांस करते हुए उनकी शादी में शामिल हुआ।

उन्नाव। अक्सर आपने बच्चों को शादी की फोटोग्राफ्स देखते समय अपने मम्मी-पापा से सवाल करते सुना होगा कि हम कहां थे शादी में...। इस सवाल के जवाब में तरह-तरह बहाने बताकर मम्मी-डैडी बात को टाल देते हैं। लेकिन, उन्नाव में एक अनोखी शादी में बेटा अपने मां-पिता की शादी में न सिर्फ सहभोला बनकर सवार मौजूद रहा। जी हां, उन्नाव के गंजमुरादाबाद के गांव में 60 साल के दूल्हा और 55 साल की दुल्हन बनी दंपती ने शादी रचाई और उनका 13 साल का बेटा बराती बनकर बैंड बाजे पर डांस करता नजर आया।

लिव इन रिलेशन में थे नरायन और रामरती

यह कहानी है गंजमुरादाबाद बेहटा मुजावर थाना क्षेत्र के ग्राम रसूलपुर रूरी में रहने वाले नरायन और रामवती की। बताते हैं करीब पंद्रह से पहले नरायन और रामरती लिव इन रिलेशन में साथ रहने लगे थे। घर में साथ रहते हुए रामरती ने एक बेटे को जन्म दिया और उसका नाम अजय रखा गया। दंपती ने अपने बच्चे को लाड़ प्यार से पालकर बड़ा किया। आज जब वह बच्चा करीब 13 साल का हुआ तो उसे बाहरी बातों की समझ भी आ गई। कुछ गांव वालों के मुंह से उसने मम्मी और पापा की शादी न होने की बात सुनी। इसपर उसने पहले रामरती और फिर नरायन से भी सवाल किए। उसकी बात सुनकर दोनों कोई जवाब न दे सके और बात को टाल दिया।

बेटे की बात से शादी करने का मन बनाया

नरायन और रामरती बेटे की बात पर काफी सोच विचार करते रहे। अब जब नरायन 60 वर्ष की आयु पर आ गए और रामरती 55 वर्ष की आयु की हो चुकी है तब उन्होंने शादी रचाने की सोची। आखिर दोनों ने अपने फैसले के बारे में रिश्तेदारों को बताया और शादी की तैयारी शुरू कर दी। पंडाल सजा और आठ गाड़ियों से बराती आए। फिर बैंड बाजे के बीच बरात की अगवानी की गई, जिसमें नरायन के साथ उनका बेटा सहभोला बनकर आया। बैंड बाजे के बीच बराती बने 13 साल के बेटे अजय ने डांस भी किया।नरायन सिर पर सेहरा जाया गया और रामरती ने जयमाल डाला और सात फेरे भी लिये। रामरती के पिता ने कन्यादान की रस्म भी निभाई। धूमधाम से विवाह की सभी रस्मे पूरी कीं गईं और बरातियों को खाना खिलाया गया। रिश्तेदारों ने वर-वधू को उपहार और शुभकामनाएं दीं। देर रात तक शादी का जश्न मनाया गया और क्षेत्र में इस अनोखी शादी की चर्चा जोरों पर होती रही।