नहीं थम रहा 69000 सहायक शिक्षक भर्ती मामला, अभ्यर्थियों ने त्रुटि सुधार न करने का लगाया आरोप

 


69000 सहायक अध्यापक भर्ती प्रकरण को लेकर लंबे समय से सरकार व अभ्यर्थियों में खींचतान चल रही है।

 सहायक अध्यापक भर्ती प्रकरण मामले कोरोना काल में रोजाना सुर्खियों में है। मंगलवार को सैकड़ों की संख्या में पहुंचे अभ्यर्थियों ने राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रक्षिक्षण परिषद व बेसिक शिक्षा मंत्री का घेराव किया। साथ ही सरकार से रिक्त पदों को तत्काल भरे जाने की मांग की।

जागरण संवाददाता लखनऊ: 69000 सहायक अध्यापक भर्ती प्रकरण मामला कोरोना काल में भी रोजाना सुर्खियों में है। सोमवार को सैकड़ों की संख्या में पहुंचे अभ्यर्थियों ने राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रक्षिक्षण परिषद (एससीईआरटी) व बेसिक शिक्षा मंत्री का घेराव किया। साथ ही सरकार से रिक्त पदों को तत्काल भरे जाने की मांग की। इसके बाद अभ्यर्थी बीजेपी कार्यालय का घेराव करने पहुंचे। हालांकि, वहां मौके पर मौजूद पुलिस ने अभ्यर्थियों को खदेड़ दिया। 

यह है मामलाः दरअसल, 69000 सहायक अध्यापक भर्ती प्रकरण को लेकर लंबे समय से सरकार और अभ्यर्थियों के बीच में खींचतान चल रही है। अभ्यर्थियों का आरोप है कि बीते सात महीने से वे भर्ती फार्म में हुई त्रुटि को लेकर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं जिसे बार-बार शासन द्वारा आश्वासन देकर शांत करा दिया जाता है, मगर शासन स्तर पर त्रुटियों में सुधार नहीं की जा रहा है। अभ्यर्थियों का कहना है कि 69000 सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा में जो फार्म परीक्षा के लिए बनाया गया था, उसी फार्म का शैक्षिक योग्यता का संपूर्ण डाटा 69000 शिक्षक भर्ती के लिए इस्तेमाल कर लिया गया, जिस पर एनआईसी द्वारा संशोधन का मौका नहीं दिया गया। ऐसी स्थिति में अभ्यर्थी अपनी गलती देख तो सकते हैं मगर उसमें सुधार नही कर सकते थे। अभ्यर्थियों का कहना है कि उनके आवेदन पत्र को निरस्त करके उसकी सीटों को थर्ड काउंसलिंग में जोड़ा जा रहा है, यह अभ्यर्थियों के साथ अन्याय है, जबकि थर्ड काउंसलिंग में जो भी बच्चे आएंगे उनका गुणांक हम सब के गुणांक से कम है। अभ्यर्थियों का कहना है कि अगर वे अपने वास्तविक अंकों के बाद भी प्रदेश स्तरीय और जनपद स्तरीय चयन सूची में नहीं आते हैं तो उनका चयन निरस्त किया जाए अन्यथा उन्हें नियुक्ति दी जाए। अभ्यर्थियों का आरोप है कि सरकार ने लगभग 90% संशोधन मान्य कर लिया है मगर शेष 10% को नकारा जा रहा है। ऐसा क्यों? करीब सैकड़ों की संख्या में एससीईआरटी पहुंचे अभ्यर्थियों ने बेसिक शिक्षा मंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वही मुख्यमंत्री से रिक्त पदों पर जल्द नियुक्ति किए जाने की मांग की। मौके पर भारी पुलिस बल मौजूद है