कैसे होगा ई कचरे का बेहतर प्रबंधन, डीपीसीसी के निरीक्षण में 72 संग्रह केंद्र नियमों की धज्जियां उड़ाते मिले

 


ई-कचरा के संग्रह और सुरक्षित निपटान की जिम्मेदारी ब्रांड मालिक की है।

डीपीसीसी ने इन सभी संग्रह केंद्रों से जुड़े उत्पादकों को दिए गए विस्तारित निर्माता की जिम्मेदारी (ईपीआर) को रद करने व कड़ी कार्रवाई करने के लिए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) को पत्र लिखा है। ईपीआर ई-कचरा प्रबंधन नियमों की मुख्य विशेषताओं में से एक है।

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) के निरीक्षण में राजधानी के 72 संग्रह केंद्र ई-कचरा प्रबंधन के नियमों को उल्लंघन करते पाए गए हैं। डीपीसीसी ने इन सभी संग्रह केंद्रों से जुड़े उत्पादकों को दिए गए विस्तारित निर्माता की जिम्मेदारी (ईपीआर) को रद करने व कड़ी कार्रवाई करने के लिए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) को पत्र लिखा है। ईपीआर ई-कचरा प्रबंधन नियमों की मुख्य विशेषताओं में से एक है, इसके तहत बाजार में रखी गई सामग्री से निकलने वाले ई-कचरा के संग्रह और सुरक्षित निपटान की जिम्मेदारी ब्रांड मालिक की है।

दिल्ली में राज्य प्रदूषण नियंत्रण प्राधिकरण होने के नाते डीपीसीसी पर ईपीआर के नियमों और शर्तो का अनुपालन सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी है। इसी कड़ी में हाल के दिनों में डीपीसीसी ने अधिकृत संग्रह केंद्रों का निरीक्षण किया। इसमें 83 संग्रह केंद्रों का निरीक्षण किया गया, जिसमें 72 को नियमों का उल्लंघन करते पाया गया है। एक अधिकारी ने बताया कि आवासीय क्षेत्रों में संचालित 185 अवैध ई-कचरा संग्रह केंद्रों को दो वर्ष में बंद किया जा चुका है। डीपीसीसी ने यह भी कहा कि अधिकतर केंद्र ई-कचरा प्रबंधन नियमों के क्रियान्वयन में लापरवाही बरत रहे हैं। ऐसे केंद्रों के खिलाफ अब सख्ती की जाएगी। दरअसल, अधिकांश ई-कचरा प्रबंधन दिल्ली के अनधिकृत क्षेत्रों में हो रहा है, जिसके कारण उन पर नियंत्रण और अनुपालन की कमी है।

यहां यह भी उल्लेखनीय है कि ई-कचरा प्रबंधन नियम 2016 के मुताबिक ई-कचरा उत्पादन का आविष्कार संबंधित राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा किया जाना है। इलेक्ट्रानिकी मंत्रालय, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, सीपीसीबी और डीपीसीसी के अधिकारियों की एक समिति का गठन दिल्ली में ई-कचरा उत्पादन की सूची बनाने के लिए कार्यप्रणाली को अंतिम रूप देने के लिए किया गया है। यह दिशानिर्देश तैयार होने के अंतिम चरण में है। डीपीसीसी के मुताबिक मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा के राज्य बोर्ड ने सूचीकरण अभ्यास पूरा कर लिया है, लेकिन दिशानिर्देशों के तहत सीपीसीबी द्वारा निर्धारित कार्यप्रणाली का पालन नहीं किया गया है। इसलिए सीपीसीबी की कार्यप्रणाली के अनुसार इस सूचीकरण अभ्यास को पूरा करने वाला दिल्ली पहला राज्य होगा।